यह फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ.लक्ष्मीकांत राठौर की अदालत ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी अखिलेश सिंह बिसेन, ताराचंद्र गुप्ता और अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता एलपी द्विवेदी को सुन कर दिया।
इलाहाबाद जिला अदालत ने सोरांव तहसील के लेखपाल विजय प्रताप सिंह की हत्या में राधेश्याम पटेल, गिरीश चंद्र पटेल को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ.लक्ष्मीकांत राठौर की अदालत ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी अखिलेश सिंह बिसेन, ताराचंद्र गुप्ता और अभियुक्त की ओर से अधिवक्ता एलपी द्विवेदी को सुन कर दिया।
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मामला सोरांव थाना क्षेत्र में मालाक हरहर का है। लेखपाल के भाई भानु प्रताप सिंह ने एक अप्रैल 2011 को सिंहापुर नवाबगंज निवासी राधेश्याम पटेल, गिरीश चंद्र पटेल, पुरुषोत्तम पटेल के खिलाफ सोरांव थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी। आरोप था कि तहसील से शिवकुटी स्थित घर लौटते वक्त रास्ते में तीनों ने उनकी गाड़ी ओवरटेक कर रोक ली थी। रंजिश में राधेश्याम पटेल ने तमंचे से गोली मार दी। राहगीरों की मदद से उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर तीनों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। विचारण के दौरान पुरुषोत्तम की मौत हो गई, जबकि राधेश्याम और गिरीश के खिलाफ 13 साल मुकदमा चला। विचारण के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से आठ-आठ गवाह पेश किए गए। बुधवार को ट्रायल कोर्ट ने राधे श्याम, गिरीश की हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और बीस-बीस हजार रुपए जुर्माने की सजा सुना दी।