पिता बोले- कोर्ट ने इंसाफ किया, फैसले से संतुष्ट
रोहित शुक्ला हत्याकांड में तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा के फैसले का पीड़ित परिवार ने स्वागत किया है। पिता राकेश शुक्ला का कहना है कि कोर्ट ने इंसाफ किया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर जरूरत पड़ती है तो वह इस मामले में हाईकोर्ट भी जाएंगे। फिलहाल कोर्ट ने बेटे के हत्यारों को जो सजा दी है, उससे वह संतुष्ट हैं। बताया कि बेटा रोहित इंटर तक एमपीवीएम से पढ़ा था और टॉपर था। उसने सिंबियोसिस कॉलेज पूणे से एमबीए किया था। इसके बाद एलएलबी की पढ़ाई कर रहा था और जिस वक्त यह घटना हुई, उसका अंतिम सेमेस्टर चल रहा था।
घटना के बाद आई वसूली के लिए गैंगवार की थ्योरी को उन्हाेंने सिरे से खारिज किया। कहा कि उन्होंने खुद रोहित के लिए ट्रक खरीदा था और वह ट्रांसपोर्ट के व्यवसाय में लगा हुआ था। उसे पैसे की कोई कमी नहीं थी, ऐसे में वसूली की बात बिल्कुल गलत है। उनका आरोप है कि आदर्श अपराध की दुनिया में नाम कमाना चाहता था ताकि इलाहाबाद विश्वविद्यालय व पूरे जिले में उसका नाम हो जाए। इसके लिए ही उसने उनके बेटे को गोलियों से भून दिया। बताया कि हत्याकांड के बाद वह अल्लापुर में किराये का मकान छोड़कर बारा के लोहगरा में अपने पैतृक घर आकर रहने लगे। पत्नी शीला शुक्ला मौजूदा समय में प्रधान हैं और छोटा बेटा पीयूष व्यवसाय करता है।