यह फैसला अपर जिला जज डॉक्टर लक्ष्मीकांत राठौर ने सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अखिलेश सिंह बिसेन और आरोपितो के अधिवक्ता को सुनकर, पत्रावली के परिशीलन के उपरांत सुनाया है।
जिला न्यायालय ने वर्ष 2007 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रवेश भवन के सामने संजय सिंह परिहार को गोली मारकर हत्या करने के मामले में आरोपित साले बहनोई पवन उर्फ बच्चा पटेल एवं अमरनाथ पटेल दाउदनगर नैनी को दोषी पाने पर आजीवन कारावास एवं प्रत्येक को 25000 हजार रुपए के अर्थ दंड की सजा सुनाई है ।
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यह फैसला अपर जिला जज डॉक्टर लक्ष्मीकांत राठौर ने सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अखिलेश सिंह बिसेन और आरोपितो के अधिवक्ता को सुनकर, पत्रावली के परिशीलन के उपरांत सुनाया है।
अभियोजन मामले के अनुसार वादनी मुकदमा गुड़िया ने 13 फरवरी 2007 को थाना कर्नलगंज पर प्राथमिकी दर्ज कराई कि उसके पति संजय सिंह परिहार को रंजिश बस आरोपित पवन उर्फ बच्चा पटेल एवं अमरनाथ पटेल ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रवेश भवन के सामने गोली मार दिया था। मुझ पर भी फायर किए। अभियोजन ने सात गवाहो की मौखिक गवाही करा कर मामले को साबित किया। न्यायालय ने आरोपितों को हत्या तथा हत्या के प्रयास एवं आयुध अधिनियम में दोषी पाया।