फर्जी नियुक्तियों वाले मामले में पुलिस के हाथ आज भी कुछ नहीं लगा। दरअसल जितने जिम्मेदार लोग हैं, सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। अधिकांश फरार हैं। दो लोगों को पुलिस जेल भी भेज चुकी है। इस बीच पुलिस कई बार शुआट्स गई लेकिन जांच के लिए प्रपत्र आदि नहीं पा सकी। इसी तरह वित्तीय अनियमितता के मामले में भी पुलिस के हाथ खाली हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि लाल बंधुओं के मिलने के बाद ही असली जानकारी मिल पाएगी।
मानदेय मामले की भी दोबारा जांच
प्रयागराज। लाल बंधुओं और उनकी फैमिली में कई ऐसे लोग हैं जिन्हें तनख्वाह से ज्यादा मानदेय दिया जा रहा था। इस मामले की भी शिकायत की गई थी। हालांकि उस वक्त कुछ नहीं हुआ। अब इस मामले की भी दोबारा जांच शुरू कर दी गई है।