कवि रमेश मुस्कान ने सेना की भर्ती की लाइन में खड़े एक बूढ़े को देखकर आफीसर गरमाया, उसने बूढ़े से कुछ इस तरह फरमाया, बुड्ढे शमशान प्रतीक्षा कर रहा है, और तू सेना में भर्ती हो रहा है। क्या दिमाग में कीड़े पड़े हैं। बूढ़े ने जवाब दिया कि नंबर आते आते हम बूढ़े हो गए, लाइन में तो हम जवानी से खड़े हैं।
कवि सम्मेलन का संचालन दिनेश बावरा ने नई पीढ़ी को आगाह करते हुए कहा कि खतरा न चीन से है, न पाकिस्तान से है, और न इजराइल से है, इस दुनिया को सबसे ज्यादा खतरा आपके जेब में रखे मोबाइल से है। अपने हौसले को बुलंद करना सीखिए, मोबाइल चलाना तो सीख लिया, अब थोड़ी देर बंद करना सीखिए। संचालन एसके सिंह ने किया। मौके पर वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक संजय कुदेशिया, उप महा प्रबंधक कार्मिक एवं प्रशासन शंभू शेखर, इफको इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष पंकज पांडेय, महामंत्री विनय यादव, इफको आफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुराग तिवारी, महामंत्री स्वयं प्रकाश रहे।