फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुंभ मेले में धारदार हथियार से हमलाकर युवक की हत्या

Thu, 24 Jan 2019 01:12 AM IST
shubham न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
विज्ञापन
Murder
विज्ञापन
चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए बेखौफ बदमाशों ने मेला क्षेत्र में तीन सनसनीखेज वारदातों को अंजाम दिया। यहां धारदार हथियार से हमला कर युवक की हत्या कर दी गई। मृतक कौन था, इसका पता नहीं चल सका। उधर मेला क्षेत्र में ही अलग-अलग स्थानों पर सो रहे दो युवकों पर धारदार हथियार से हमला किया गया। दोनों को गंभीर हालत में एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
विज्ञापन


पहली घटना मेले में झूंसी की ओर स्थित अखाड़ा थाना क्षेत्र की है। यहां पीपा पुल नंबर पांच के पास एक युवक की खून से लथपथ लाश मिली जो कंबल में लिपटी हुई थी। उसकी उम्र 30 वर्ष के करीब थी और वह पैंट-शर्ट पहने हुए था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कंबल हटाया तो पता चला कि धारदार हथियार से हमलाकर उसकी हत्या की गई थी। उसके चेहरे व गले के पास गहरे जख्म के निशान थे। पुलिस ने कपड़ों की तलाशी ली लेकिन, उसके पास कुछ भी नहीं मिला। घंटों मशक्कत के बाद भी उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी जिसके बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम हाउस भेजवा दिया। अखाड़ा थाना प्रभारी भाष्कर मिश्रा ने बताया कि मृतक के चेहरे व गले पर धारदार हथियार से हमला किया गया।

फिलहाल उसकी शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है। उधर मेले में सो रहे दो और युवकों पर ठीक इसी तरह धारदार हथियार से हमला किया गया। पीपा पुल 14 के पास सो रहे देवा(28) पुत्र सरजू प्रसाद के चेहरे व गले पर वार किया गया। वह चीखा तो हमलावर भाग निकला। उधर त्रिवेणी रोड के पास सो रहे रायबरेली निवासी सानू के चेहरे व गर्दन पर धारदार हथियार से हमला किया गया। लहुलुहान हालत में वह चीखते हुए भागा। बांगड़ धर्मशाला के पास वह बदहवास हालत में कीडगंज पुलिस को मिला। दोनों घायलों को एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
विज्ञापन



पुलिस सूत्रों की मानें तो शव की हालत देखकर इस बात की भी आशंका है कि लूट के बाद युवक को मार डाला गया हो। ऐसा इसलिए क्योंकि उसके पास कोई कागज तक नहीं मिला है। पुलिस का कहना है कि युवक पैंट-शर्ट पहने हुए था। लेकिन उसके पास रुपये या कोई कागज न मिलना लूट की तरफ भी इशारा कर रहा है। इस बारे में एसपी सुरक्षा आशुतोष मिश्रा ने बताया कि जांच की जा रही है। शिनाख्त होने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।

मेला क्षेत्र में लगातार हो रही आपराधिक वारदातें अफसरों के चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के दावों की पोल खोल रहे हैं। मेले में आए दिन छिनैती व टप्पेबाजी की घटनाएं हो रही हैं। पिछले दिनों बहरीन में तैनात इंजीनियर हरिगोविंद पांडेय की कार का शीशा तोड़कर नगदी समेत कीमती सामान उड़ा दिया गया था। पौष पूर्णिमा पर अमरोहा में तैनात एपीओ के गले से चेन छीन ली गई थी। अब हत्या की वारदात सामने आने से मेला पुलिस अफसरों में हड़कंप है।

उधर मेले में बावरिया गिरोह के आने की खबर से दहशत है। कानपुर में पकड़े गए बावरिया गिरोह के सदस्यों से पूछताछ के बाद एक दिन पहले ही खुलासा हुआ है कि 30 शातिर सदस्य श्रद्धालुओं के वेश में मेला क्षेत्र में पहुंच गए हैं। इससे श्रद्धालुओं में दहशत है।

मेला क्षेत्र में एक ही दिन में सामने आई तीन वारदातों से दहशत है। तीनों घटनाओं में पीड़ितों पर हमला धारदार हथियार से और चेहरे व गर्दन पर ही किया गया। ऐसे में इस बात की भी चर्चा है कि कहीं यह किसी साइको किलर का तो काम नहीं।

बता दें कि जिस तरीके से पीपा पुल पांच के पास युवक की हत्या की गई, ठीक इसी तरह शहर क्षेत्र में पांच हत्याएं हाल ही में हो चुकी हैं। दारागंज में झूंसी पुल के पास चंद दिनों पहले ही तीन लोगों पर ठीक इसी तरह हमला किया गया था। इनमें से दो की मौत हो गई थी जबकि एक का इलाज एसआरएन अस्पताल में चल रहा है। इससे पहले कोतवाली में डीरोड पर एक मजदूर की गले व चेहरे पर धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी गई थी। मई में कीडगंज के बाई का बाग दुर्गा पूजा पंडाल में सो रहे दो लोगों की हत्या कर दी गई थी। उनके भी गले व चेहरे पर ही गहरे जख्म के निशान मिले थे। तीनों ही मामलों में पुलिस अब तक हत्यारे का सुराग नहीं हासिल कर सकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें