सिविल लाइंस स्थित एक होटल में पत्रकारों से बातचीत में पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र नाथ ने बताया कि बीते दिनों गवर्निंग काउंसिल की बैठक में ट्रस्ट के कई सदस्यों को अपमानित किया गया। मनमानी करते हुए पूर्व महामंत्री और संयुक्त मंत्री की सदस्यता समाप्त की ही गई, बिना किसी नोटिस और एजेंडे के ही ट्रिब्यूनल को भी बर्खास्त कर दिया गया।
केपी ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष राघवेंद्र नाथ सिंह ने रविवार को मौजूदा अध्यक्ष डॉ. सुशील कुमार सिंह पर नियम-कायदों को ताक पर रखने का आरोप लगाया। उन्होंने अपनी हार को लेकर नया खुलासा भी किया। कहा कि वह हारे नहीं, बल्कि हराए गए हैं। जितने मत पड़े थे, उनमें से 148 मत कम पाए गए थे। उन वोटों की गिनती हो जाती तो परिणाम कुछ और होता।
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सिविल लाइंस स्थित एक होटल में पत्रकारों से बातचीत में पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र नाथ ने बताया कि बीते दिनों गवर्निंग काउंसिल की बैठक में ट्रस्ट के कई सदस्यों को अपमानित किया गया। मनमानी करते हुए पूर्व महामंत्री और संयुक्त मंत्री की सदस्यता समाप्त की ही गई, बिना किसी नोटिस और एजेंडे के ही ट्रिब्यूनल को भी बर्खास्त कर दिया गया।
इस मामले की शिकायत सहायक रजिस्ट्रार सोसाइटी से की गई है। उनका कहना था कि 18 वोटों से राघवेंद्र नाथ को रिटर्निंग अफसर ने पराजित घोषित किया था और कुल पड़े मतों में से कम पाए 148 वोटों की गिनती ही नहीं कराई गई। ऐसे में यह चुनाव ही अवैधानिक है।