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कोटक महिंद्रा बैंक घोटालाः गिरफ्तार आरोपियों में बैंक मैनेजर पूर्व ब्लॉक प्रमुख का बेटा भी शामिल

Sun, 12 Apr 2020 12:37 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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Accused of embezzlement at Kotak Mahindra Bank. - फोटो : prayagraj
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कोटक महिंद्रा बैंक की सिविल लाइंस शाखा में 9.46 करोड़ के गबन मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों में बैंक मैनेजर व पूर्व ब्लॉक प्रमुख का बेटा भी शामिल है। इन पर गबन के पैसों को निवेश करने में अंशुमान की मदद करने का आरोप है। वैसे पुलिस का यह भी कहना है कि मामले में कई अन्य लोग शामिल हो सकते हैं। फिलहाल जांच की जा रही है। 
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अभियुक्तों की गिरफ्तारी में सीओ सिविल लाइंस बृज नारायण सिंह की अहम भूमिका रही। उन्होंने बताया कि मामले में गिरफ्तार पिंकू उर्फ अवधेश तिवारी वर्तमान में अल्लापुर में रहता है, लेकिन उसका मूल निवास यमुनापार के मांडा में है। उसके पिता गायत्री प्रसाद उर्फ मंडन तिवारी ब्लॉक प्रमुख रह चुके हैं। उसके पूछताछ में पता चला कि उसने प्लाटिंग के अलावा कई अन्य कामों में अंशुमान से लेकर रुपये लगाए थे, जिसके एवज में वह उसे कमीशन भी देता था।

पकड़ा गया एक अन्य आरोपी मातंबर पांडेय यूनियन बैंक में मैनेजर है और वह वर्तमान में भदोही में तैनात है। इसी तरह गिरफ्तार किया गया कमलराज सचदेवा मुख्य आरोपी अंशुमान का मकान मालिक है। पूछताछ में उसने बताया कि वह पहले कंस्ट्रक्शन का काम करता था। लेकिन इन दिनों वह घर पर ही रहता है। 

आरोपी के चार खाते भी कराए गए फ्रीज

प्रयागराज। पुलिस ने बताया कि इस बात की भी जानकारी मिली कि मुख्य आरोपी अंशुमान के चार अलग-अलग बैंकोें में खाते हैं। जिसके बाद संबंधित बैंकों को जानकारी देकर इन खातों को फ्रीज करा दिया गया। पुलिस ने बताया कि आईडीएफसी, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईसीआईसीआई व कोटक महिंद्रा बैंक के इन चार खातों में कुल 7.91 लाख रुपये जमा थे। 

ईओडब्ल्यू से जांच कराए जाने की सिफारिश

प्रयागराज। पुलिस अफसरों ने बताया कि मामले की जांच ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) से कराए जाने की भी सिफारिश की गई है। उच्चाधिकारियों को भेजी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि मामला करोड़ों रुपये के गबन का है, ऐसे में जांच ईओडब्ल्यू से कराया जाना उचित होगा। वैसे बता दें कि इस संबंध में पूर्व में ही सर्कुलर जारी किया जा चुका है कि आर्थिक अपराधों में अगर रकम बड़ी है तो मामले की जांच ईओडब्ल्यू से कराई जाए। 
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