लॉकडाउन के दौरान लूट, चोरी, छिनैती जैसी वारदातें तो रुकी हैं, लेकिन साइबर अपराधी अब भी अपनी करतूतों से बाज नहीं आ रहे हैं। वह लोगों को चूना लगाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। इसी के तहत अब वह ईएमआई में छूट, कोरोना पीड़ितों की मदद के नाम पर फोन कर लोगों के खाते से रकम उड़ा रहे हैं। कई शहरों में इस तरह के मामले आने के बाद जिला साइबर सेल ने भी लोगों को अलर्ट करने के लिए एडवाइजरी जारी कर दी है।
लॉकडाउन के दौरान सरकार की ओर से 3 महीने के लिए ईएमआई में छूट प्रदान की गई है। साइबर अपराधी इसके नाम पर भी फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। वह लोगों को फोन कर ईएमआई छूट पाने का झांसा दे रहे हैं और लिंक भेज कर इस सुविधा को प्राप्त करने का ऑप्शन चुनने को कह रहे हैं। जैसे ही कोई लिंक ओपन करता है, वैसे ही उसके खाते से रकम उड़ा दी जाती है। इसके अलावा कोरोना पीड़ितों की मदद के नाम पर भी फर्जी आईडी बनाकर या फर्जी लिंक भेजकर लोगों की मेहनत की कमाई उड़ाई जा रही है। पिछले दिनों एडीजी जोन प्रेम प्रकाश के नाम पर फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाकर कोरोना पीड़ितों की मदद के लिए रुपये भेजने की मांग की गई थी। इस मामले में कैंट थाने में एफआइआर भी दर्ज हुई है। एसपी क्राइम आशुतोष मिश्रा का कहना है कि लोगों को साइबर अपराधों से बचाने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि किसी भी फोन कॉल पर अपनी गोपनीय जानकारी ना दें, ना ही किसी संदेहास्पद लिंक को ओपन करें।