मृतक छात्र सत्यम शर्मा की मां।
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बेटे को याद कर बिलखती रही मां
उधर मृतक के घर में मातम पसरा रहा। मां श्यामा देवी बेटे को याद कर बिलखती रही। बताया कि उसके पांच बेटों में सत्यम पढ़ रहा था और वह ही परिवार की उम्मीद था। पिता की मौत के बाद जब भी कभी वह उसे चिंता में देखता तो कहता था कि मैं सब संभाल लूंगा। उधर जिस भाई के साथ खेलकर बड़े हुए, उसी भाई की चिता को मुखाग्नि देने वाला पुरुषोत्तम भी सदमे में दिखाई दिया। वह एकटक शून्य को निहारता रहा। परिवार की मांगों के संबंध में उसने इतना ही कहा कि उम्मीद है कि प्रशासन न्याय करेगा।
मृतक छात्र सत्यम शर्मा की चचेरी बहन।
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भाई ने इज्जत बचाने को दे दी जान, कैसे मनाएं राखी?
हत्यारों ने तो पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। हर साल आठ राखियां खरीदती थी। तीन सगे व पांच चचेेेरे भाइयों के लिए। जिस भाई ने मेरी आबरू बचाने को अपनी जान दे दी जब वही नहीं रहा तो अब क्या खुशियां व क्या त्योहार? अब कभी रक्षाबंधन नहीं मनाउंगी।
मृतक छात्र सत्यम की चचेरी बहन जब यह बातें कह रही थी, उसकी आंखें भर आईं। आसपास मौजूद परिवार की अन्य महिलाओं की भी आंखें नम हो गईं। छात्रा ने कहा कि तीन दिन बाद भी घटना को याद करते हुए वह सिहर जा रही है। वह मंजर भुलाए नहीं भूलता जब हत्यारे उसके भाई को घेरकर पीट रहे थे। वह ग्राम प्रधान से हाथ जोड़कर उसकी जान बख्श देने की मिन्नत करती रही लेकिन उसका दिल नहीं पसीजा। बताया कि हत्यारों ने उसके लिए रक्षाबंधन का त्योहार ताउम्र के लिए फीका कर दिया।
हत्यारोपी प्रधान मोहम्मद युनुस।
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प्रधान के अधिकारों पर लगेगी रोक, बनेगी प्रशासनिक समिति
खीरी में छात्र की बेरहमी से हत्या के आरोपी ग्राम प्रधान मो. यूसुफ के अधिकारों पर रोक लगेगी। यही नहीं ग्राम पंचायत के प्रशासनिक कार्यों के संचालन के लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा। यही कमेटी अब ग्राम पंचायत से जुड़े कार्यों पर निर्णय लेगी। हत्या के मुकदमे में गिरफ्तारी के चलते यह किया जाएगा।