पांच हजार रुपये का था विवाद
सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में मृतक के भाई नीरज ने बताया कि उसके भाई से रोहित ने रुपये उधार लिए थे। पांच हजार रुपये बकाया थे। कई बार मांगने के बावजूद वह बकाया वापस नहीं कर रहा था। रुपये मांगने पर एक बार उसने फोन पर धमकी भी दी थी। इसकी रिकॉर्डिंग भी उसने पुलिस को सुनाया।
गोली चलने के बाद भागता दिखा आरोपी
पुलिस अफसरों की जांच पड़ताल में कुछ लोगों ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने आरोपी रोहित को क्लीनिक से निकलकर भागते देखा था। गोली चलने के तुरंत बाद वह कमरे से निकलकर बाहर भागा। इस दौरान उसके एक पैर में ही चप्पल थी। कुछ दूर जाने के बाद वह फिर लौटा लेकिन भीतर नहीं गया। बाहर खड़ी बाइक स्टार्ट की और निकल भागा।
खुद को बताता था डॉक्टर
आरोपी रोहित मूल रूप से प्रतापगढ़ जनपद के फतनपुर थाना स्थित रामपुर गौरा गांव का रहने वाला है। वह थरवई में खुद को डॉक्टर बताता था। यही कहकर उसने मकान भी किराये पर लिया था।
मौके से खोखा मिला, पर नहीं बरामद हुआ असलहा
सूत्रों का कहना है कि पुलिस को जांच पड़ताल के दौरान घटनास्थल से खोखा बरामद हुआ। हालांकि वह असलहा नहीं मिला जिससे गोली चलाई गई। सूत्रों का कहना है कि गोली तमंचे से मारी गई। आशंका इस बात की भी जताई जा रही है कि क्लीनिक में तमंचा लेकर बैठने से साफ है कि वह पहले से योजना बनाकर बैठा था।
मृतक के भाई की तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत कर आरोपी की तलाश की जा रही है। गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें बना दी गई हैं। - अभिषेक भारती, डीसीपी गंगानगर