धार्मिक, सांस्कृतिक धरोहर के साक्षी बने मेहमान
संगम के बाद मेहमानों के दल ने बड़े हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन कर आशीष प्राप्त किया। हनुमान मंदिर के बाद मेहमान स्वामी नारायण मंदिर पहुंचे। मंदिर में मेहमानों ने दक्षिण भारत के लजीज व्यंजन का आनंद लिया। भोजन के बाद दल ने आजाद पार्क में स्थित अमर शहीद चंदशेखर आजाद की प्रतिमा स्थल पर पहुंचकर नमन किया। आजाद प्रतिमा स्थल पर संस्कृति विभाग के अभिलेखागार विभाग की ओर से क्रांतिकारियों पर केंद्रित अभिलेख प्रदर्शनी को देखा और सराहा।
मेहमानों ने साझा किया यात्रा का अनुभव
अध्यापकों के दल में शामिल मानवती जी ने कहा कि काशी में गंगा जी की आरती देखी और प्रयागराज में संगम का विहंगम नजारा। यह देखकर अलौकिक अहसास हुआ। उन्होंने बताया कि कल्चर में नार्थ और साउथ में काफी अंतर है। दोनों के यहां के मंदिरों की बनावट अलग है। लेकिन एक चीज कामन है और वह है स्प्रिचुएलिटी, दोनो प्रदेश इसमें कहीं आगे हैं। उन्होंने इस पूरी यात्रा को लेकर खुशी जताई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद बोला। मेहमानों का अगला दल 23 को आएगा। इस क्रम में 25, 27, 29 और 31 दिसंबर को दल संगमनगरी पहुंचेगा।