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Kanpur Police Encounter Case: प्रयागराज में भी कई बार हो चुका है खाकी पर हमला, विकास दूबे जैसे कई अपराधियों को खोज रही पुलिस

Thu, 09 Jul 2020 01:12 AM IST
विनोद सिंह विनोद सिंह बघेल, अमर उजाला, प्रयागराज
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prayagraj news: सांकेतिक चित्र - फोटो : prayagraj
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कानपुर में पुलिस पर टीम पर हमला और डिप्टी एसपी सहित आठ पुलिसकर्मियों के शहीद होने की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। पुलिस घटना के मुख्य आरोपी खूंखार अपराधी विकास दूबे की सरगर्मी से तलाश कर रही है। कानपुर में पुलिस पर हमले की घटना प्रदेश में कोई नया मामला नहीं है। इसके पहले भी दबिश और गिरफ्तारी के दौरान पुलिस दल पर कई बार हमले किए जा चुके हैं।

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prayagraj news: सांकेतिक चित्र - फोटो : prayagraj

पुलिस की राइफल छीनने के प्रयास के साथ ही तेजाब से भी हमले हुए हैं। कानपुर का मामला अपने आप में एक सनसनीखेज मामला है, जिसमें डिप्टी एसपी सहित आठ पुलिस के जवान शहीद हो गए। खाकी वर्दी पर आक्रमण प्रयागराज में भी एक साल के भीतर कई बार हुए हैं। पुलिस पर हमले के मामले में कई मामलों में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि कई नामजद अपराधी अभी पुलिस की पहुंच से दूर चल रहे हैं। 

prayagraj news: सांकेतिक चित्र - फोटो : prayagraj

लॉकडाउन का पालन करने का निर्देश देने पर बोला हमला

तीन मई 2020 को जनपद के लालापुर में लॉकडाउन का पालन कराने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। एक जगह पर दर्जनों लोग इकट्ठा होकर बैठे थे। उन्हें मना किया गया तो वे सब अभद्रता करने करने लगे। जब पुलिस ने उनसे सख्ती की तो वह पुलिस टीम पर लाठी, डंडा, राड लेकर टूट पड़े। इस मामले में हत्या का प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने समेत विभिन्न आरोपों में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें 3 महिलाएं हैं। घटना में कई पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए।

prayagraj news - फोटो : prayagraj

शराब के खिलाफ कार्रवाई करने पर टूट पड़े एसआई पर

इसी तरह 18 अप्रैल 2020 को जिले के होलागढ़ में दो दर्जन से अधिक महिला और पुरुषों ने ईंट पत्थर से दरोगा अर्जुन सिंह पर हमला कर दिया। हमले में एसआई अर्जुन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद सोरांव सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। बताया जाता है कि गांव में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस के द्वारा कई गई कार्रवाई से लोग नाराज चल रहे थे। 

बताया जाता है कि होलागढ़ के कस्तूरीपुर गांव में एसआई अर्जुन सिंह पर हमले से दो दिन पहले इंस्पेक्टर रोशन लाल ने टीम के साथ अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में लहन नष्ट कराया था। दोबारा पुलिस टीम शराब कारोबारियों की तलाश में दबिश देकर वापस थाने लौट आईं थी।

इसी दौरान अर्जुन सिंह यादव बारादरी से करीब नौ बजे लॉकडाउन की ड्यूटी करके बाइक से थाने लौट रहे थे। जैसे ही दरोगा होलागढ़ के जमुनीपुर मोड़ पहुंचे। कस्तूरीपुर गांव के दो दर्जन से अधिक महिलाओं और पुरुषों ने ईंट-पत्थर से हमलाकर जख्मी कर दिया। इस मामले में कई लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है लेकिन अधिकांश आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे हैं। 
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prayagraj news - फोटो : prayagraj

कांस्टेबल का गला घोटने की कोशिश 

13 अप्रैल को सरायइनायत थाना क्षेत्र के बीकापुर गांव में संपत्ति विवाद को लेकर पुलिस पर हमला कर दिया गया। घटना के दौरान महिलाओं ने एक कांस्टेबल को पकड़कर उसका गला घोंटने की कोशिश की। सूचना मिलते ही कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई और किसी तरह से भीड़ में फंसी पुलिस को बचाया। इस मामले में दर्जनभर से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया गया है।

गश्त कर रहे सिपाहियों से हाथापाई

मंगलवार की रात थाना क्षेत्र के नई झूंसी इलाके में कुछ मनबढ़ युवक पुलिसकर्मियों से भिड़ गए। रात्रिकालीन गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों से गालीगलौज और हाथापाई तक हो गई। बेवजह घूम रहे युवकों का पुलिसकर्मियों ने वीडियो बनाना चाहा तो उन्होंने परिजनों को बुला लिया। मामला बढ़ता देख झूंसी थाने को बताया गया तो भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। तभी आरोपी वहां से फरार हो गए। बाद में भुक्तभोगी पुलिसकर्मियों की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। बुधवार को चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। वारदात के कारण काफी देर तक अफरा-तफरी मची रही। 
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