prayagraj news: सांकेतिक चित्र
- फोटो : prayagraj
पुलिस की राइफल छीनने के प्रयास के साथ ही तेजाब से भी हमले हुए हैं। कानपुर का मामला अपने आप में एक सनसनीखेज मामला है, जिसमें डिप्टी एसपी सहित आठ पुलिस के जवान शहीद हो गए। खाकी वर्दी पर आक्रमण प्रयागराज में भी एक साल के भीतर कई बार हुए हैं। पुलिस पर हमले के मामले में कई मामलों में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि कई नामजद अपराधी अभी पुलिस की पहुंच से दूर चल रहे हैं।
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लॉकडाउन का पालन करने का निर्देश देने पर बोला हमला
तीन मई 2020 को जनपद के लालापुर में लॉकडाउन का पालन कराने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। एक जगह पर दर्जनों लोग इकट्ठा होकर बैठे थे। उन्हें मना किया गया तो वे सब अभद्रता करने करने लगे। जब पुलिस ने उनसे सख्ती की तो वह पुलिस टीम पर लाठी, डंडा, राड लेकर टूट पड़े। इस मामले में हत्या का प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने समेत विभिन्न आरोपों में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनमें 3 महिलाएं हैं। घटना में कई पुलिसकर्मी भी जख्मी हुए।
शराब के खिलाफ कार्रवाई करने पर टूट पड़े एसआई पर
इसी तरह 18 अप्रैल 2020 को जिले के होलागढ़ में दो दर्जन से अधिक महिला और पुरुषों ने ईंट पत्थर से दरोगा अर्जुन सिंह पर हमला कर दिया। हमले में एसआई अर्जुन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद सोरांव सहित कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। बताया जाता है कि गांव में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस के द्वारा कई गई कार्रवाई से लोग नाराज चल रहे थे।
बताया जाता है कि होलागढ़ के कस्तूरीपुर गांव में एसआई अर्जुन सिंह पर हमले से दो दिन पहले इंस्पेक्टर रोशन लाल ने टीम के साथ अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में लहन नष्ट कराया था। दोबारा पुलिस टीम शराब कारोबारियों की तलाश में दबिश देकर वापस थाने लौट आईं थी।
इसी दौरान अर्जुन सिंह यादव बारादरी से करीब नौ बजे लॉकडाउन की ड्यूटी करके बाइक से थाने लौट रहे थे। जैसे ही दरोगा होलागढ़ के जमुनीपुर मोड़ पहुंचे। कस्तूरीपुर गांव के दो दर्जन से अधिक महिलाओं और पुरुषों ने ईंट-पत्थर से हमलाकर जख्मी कर दिया। इस मामले में कई लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है लेकिन अधिकांश आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर चल रहे हैं।