किशोर न्याय बोर्ड के मजिस्ट्रेट शिवार्थ खरे ने सदस्य नरेंद्र कुमार साहू और शीला यादव के साथ मामले की सुनवाई की। उन्होंने परिस्थितिवश बालक ने बाल मनोभावों के कारण अपराध किया। मजिस्ट्रेट ने मामले में जांच कार्रवाई बंद करते हुए उचित संरक्षण के लिए बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया।
राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) में बोर्ड के समक्ष पेश बालक की आपबीती सुनकर मजिस्ट्रेट भी द्रवित हो गए। आरोपी बालक ने बताया कि सौतेली मां अपने दूसरे पति के साथ मिलकर उसकी बेहवजह पिटाई करती थी। प्रतिरोध करने पर वह उसे जंजीरों से बांधकर कमरे में बंद कर देती थी। अपमान से त्रस्त होकर उसने भांजे को उठाया और प्रयागराज चला आया। विवेचक ने बताया कि भांजे को बरामद कर लिया गया है।
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किशोर न्याय बोर्ड के मजिस्ट्रेट शिवार्थ खरे ने सदस्य नरेंद्र कुमार साहू और शीला यादव के साथ मामले की सुनवाई की। उन्होंने परिस्थितिवश बालक ने बाल मनोभावों के कारण अपराध किया। मजिस्ट्रेट ने मामले में जांच कार्रवाई बंद करते हुए उचित संरक्षण के लिए बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया।
समिति को निर्देशित किया गया है कि बालक को उचित संरक्षण प्रदान कर बोर्ड को कार्रवाई से अवगत कराएं। विधि सह परिवीक्षा अधिकारी विवेक कुमार द्विवेदी को निर्देशित किया गया है कि बालक को संरक्षण प्रदान करने के लिए अपना सहयोग और परामर्श किशोर न्याय अधिनियम के अधीन बनाये रखें।