सेमिनार को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल ने कहा कि टैक्स की वकालत जटिल कानूनी प्रक्रियाओं से भरपूर हैं। इस विधा में पारंगत होने के लिए नित प्रतिदिन बदलते कानूनों से अपडेट रहने की जरूरत है। इसके लिए हमें खुद को अत्याधुनिक तकनीकी से जोड़ते हुए निरंतर अध्ययन पर ध्यान देना होगा।
उत्तर प्रदेश कर अधिवक्ता संगठन की प्रयागराज में हुई 49वीं कार्यकारिणी की बैठक में टैक्स मामलों के वकीलों ने साइबर कैफे से जीएसटी पंजीकरण रोकने और कराधान से जुड़े मुकदमों में परिसीमा अधिनियम लागू कराने की मांग उठाई है। रविवार को माथुर वैश्य धर्मशाला में द टैक्स बार एसोसिएशन प्रयागराज की ओर आयोजित इस सेमिनार और शपथ ग्रहण समारोह का उद्घाटन हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर अधिवक्ता संगठन के अध्यक्ष विक्रमजीत सिंह भदौरिया ने किया।
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सेमिनार को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल ने कहा कि टैक्स की वकालत जटिल कानूनी प्रक्रियाओं से भरपूर हैं। इस विधा में पारंगत होने के लिए नित प्रतिदिन बदलते कानूनों से अपडेट रहने की जरूरत है। इसके लिए हमें खुद को अत्याधुनिक तकनीकी से जोड़ते हुए निरंतर अध्ययन पर ध्यान देना होगा। इस अवसर पर द टैक्स बार एसोसिएशन प्रयागराज के नवनिर्वाचित अध्यक्ष आर के चोपड़ा को अध्यक्ष और अरुण कुमार केशरवानी को महामंत्री के पद की शपथ दिलाई गई।
सेमिनार में प्रदेश भर से जुटे कर अधिवक्ताओं का कहना था कि साइबर कैफे से हो रहे जीएसटी पंजीकरण से न सिर्फ भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है बल्कि कानूनी जानकारी के अभाव मे भरे गए पंजीकरण आवेदन से व्यापारियों को भविष्य में तकनीकी समस्याओं से जूझना पड़ता है। इस अवसर पर अधिवक्ता हर्ष शर्मा, मनीष श्रीवास्तव, प्रेम सुंदर उपाध्याय, उमेश अग्रवाल, विपिन अग्रवाल, मुकेश शर्मा, गिरीश डोबियाल, विपिन सिंह, मुन्ना लाल यादव समेत सैकड़ों अधिवक्ता मौजूद रहे।