हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश व कानूनी उपबंधो के बावजूद अधीनस्थ अदालतों द्वारा अंतरिम निषेधाज्ञा अर्जियों का निस्तारण न करने पर चिंता जताई है और कहा है कि नियमानुसार छह माह में दाखिल अंतरिम निषेधाज्ञा अर्जी तय कर दी जानी चाहिए।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश के सभी न्यायिक अधिकारियों को 16 अगस्त 2017 को जारी सर्कुलर का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि न्यायिक अधिकारी अंतरिम निषेधाज्ञा अर्जियों को निर्धारित समय में तय करें। साथ ही साथ ही हाईकोर्ट के महानिबंधक को इस संबंध में तत्काल सर्कुलर जारी करने का आदेश दिया है।
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हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश व कानूनी उपबंधो के बावजूद अधीनस्थ अदालतों द्वारा अंतरिम निषेधाज्ञा अर्जियों का निस्तारण न करने पर चिंता जताई है और कहा है कि नियमानुसार छह माह में दाखिल अंतरिम निषेधाज्ञा अर्जी तय कर दी जानी चाहिए। ऐसा न करने से लगातार अनावश्यक रूप से अर्जी तय करने की मांग को लेकर याचिकाएं दायर की जा रही है।
कोर्ट ने प्रश्नगत मामले में अधीनस्थ अदालत को याची की 2020 से लंबित अर्जी छह हफ्ते में निस्तारित करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने गाजीपुर के महेंद्र की याचिका पर दिया है। याचिका में रामकीर्ति व अन्य विपक्षियों के खिलाफ दाखिल निषेधाज्ञा अर्जी तय करने का समादेश जारी करने की मांग की गई थी।