झूंसी के आरकेपुरम में छात्रा की हत्या के बाद युवक की खुदकुशी मामले में रविवार को अहम खुलासा हुआ। घटना के चश्मदीद रहे संदिग्ध युवक से पूछताछ में सामने आया है कि मृतक छात्रा सौम्या अरसान से दूरी बनाना चाहती थी, जिससे बौखलाकर उसने खूनी खेल खेला। पुलिस को दो और संदिग्धों का नाम पता चल गया है, जिनकी तलाश में देर रात तक दबिश दी जाती रही।
वारदात एक दिन पहले हुई थी, जिसमें गंगोत्री हवेलिया निवासी बीकॉम छात्रा सौम्या की हत्या करने के बाद अरसान ने खुद को गोली से उड़ा लिया था। सीसीटीवी फुटेज से पता चला था कि वारदात के दौरान कुछ दूर पर खड़ी कार के पीछे तीन संदिग्ध युवक खड़े थे, जो गोली चलते ही बाइक पर सवार होकर भाग निकले। पुलिस ने रविवार दोपहर झूंसी कोहना निवासी इस युवक को पकड़ लिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, थाने लाकर पूछताछ की गई तो उसने बताया कि कार के पीछे वह झूंसी कोहना निवासी ही अपने दो साथियों संग छिपा था। बताया कि अरसान व मृतक छात्रा के बीच बातचीत होती थी लेकिन वह उससे संबंध नहीं रखना चाहती थी।
शनिवार को छात्रा की दूरी बनाने की बात सुनकर अरसान बौखला गया और इसी के बाद उसने खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के मुताबिक, युवक ने पूछताछ में यह भी बताया कि उसका कुछ पैसा बकाया था जिसे देने के लिए ही अरसान ने उसे बुलाया था। वह मौके पर पहुंचा तो उसे मोबाइल व नकदी थमाकर अरसान सौम्या से बातचीत करने लगा। काफी देर तक चली बातचीत के दौरान हुए विवाद के बाद अरसान ने तमंचा निकालकर छात्रा को गोली मार दी। साथ ही गली से निकलकर खुद को भी गोली से उड़ा लिया। पूछताछ में उसने बताया कि मोबाइल उसने अपने साथियों को दे दिया था। हिरासत में लिए गए युवक की निशानदेही पर देर रात तक उसके दोनों साथियों की तलाश की जाती रही। उधर, मामले में पुलिस अधिकृत तौर पर कुछ भी कहने से इंकार करती रही। झूंसी इंस्पेक्टर ने इतना ही कहा कि तीनों संदिग्ध युवकों का पता चल गया है और उनकी तलाश की जा रही है। जांच पड़ताल में कुछ अन्य अहम बातें सामने आई हैं।
सहेली का लिया था फोन, कॉल कर बुलाया भी था
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वारदात के वक्त मृतका सौम्या की आरकेपुरम निवासी एक सहेली भी मौके पर मौजूद थी, जिसे उसने फोन कर बुलाया था। पुलिस ने उस सहेली से पूछताछ की तो उसने बताया कि मृतक छात्रा घर से फोन लेकर नहीं आई थी। सीसीटीवी फुटेज में जिस फोन से वह बात करते दिखाई दे रही है, वह किराये पर रहने वाली मिर्जापुर निवासी एक अन्य सहेली का था। बताया कि छात्रा को गोली मारने के बाद आरोपी भागा तो वह फोन उठाकर भागते हुए मिर्जापुर निवासी सहेली के घर पहुंची और उसे घटना की जानकारी दी। जिसके बाद लोग जुटे लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
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