जीआरपी की जांच पड़ताल में पता चला कि भोर में ट्रेन के पहुंचने के बाद आखिरी बाद रवि छिवकी स्टेशन पर देखा गया। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में वह स्टेशन से बाहर निकलता दिखा, लेकिन फिर उसका पता नहीं चला। मोबाइल नंबर भी स्विच ऑफ हो गया। व्यापारी की तलाश में वाराणसी के साथ ही प्रयागराज पुलिस भी लगी है। उधर इस मामले का कनेक्शन तीन दिन पहले जिले में हुई उस घटना से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है, जिसमें लखनऊ से आई राजस्व निदेशालय की खुफिया इकाई ने दो लोगों को तीन किलो सोने के साथ पकड़ा था।
सोने के बिस्किट दोनों ने अपने जूतों में छिपाए थे। उनसे पूछताछ में पता चला था कि वह यह माल नागपुर से लेकर आ रहे थे। जिसके बाद अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में चांदी व 29 लाख नगद बरामद किए गए। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों मामलों का कोई कनेक्शन तो नहीं। दरअसल जांच के दौरान पुलिस को यह भी पता चला कि व्यापारी छिवकी से एक व्यक्ति के साथ स्कॉर्पियो में जाते दिखा था। इसके बाद उसका कुछ पता नहीं चला। पुलिस अफसरों का कहना है कि जांच की जा रही है।