मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की घोषणा के बावजूद चंद्रशेखर आजाद पार्क (कंपनीबाग) में मुफ्त प्रवेश की मांग न माने जाने का मुद्दा अब विधानसभा में उठने जा रहा है। भाजपा के ही शहर उत्तरी विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी ने नियम-51 के तहत जवाब मांगा है। मानसून सत्र में स्वयं उपमुख्यमंत्री को इस पर जवाब देना है। इसी क्रम में सांसद और मेयर ने भी आपत्ति जताई है।
हर्षवर्धन का कहना है कि आजाद पार्क के लिए प्रवेश शुल्क लिया जाना गलत है। वह लगातार मुफ्त प्रवेश की मांग उठाते रहे हैं। कुछ दिन पहले आए उपमुख्यमंत्री के सामने उन्होंने फिर यह मुद्दा उठाया था। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद किन परिस्थितियों में आजाद पार्क में प्रवेश शुल्क लिया जा रहा है, इस बाबत विधानसभा में प्रश्न उठाया है। मानसून सत्र में इस पर चर्चा होगी। वहीं महापौर अभिलाषा गुप्ता का कहना है कि सुबह टहलने वालों से शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए। लोगों को इससे जल्द राहत मिलेगी। इसकी प्रक्रिया प्रशासन ने शुरू की है। इसी क्रम में सपा सांसद नागेंद्र सिंह पटेल ने प्रवेश शुल्क लिए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उनका कहना है कि सरकार के पास कई तरह के बजट होते हैं। पार्क के मेंटेनेंस के लिए जनता से पैसा लेना गलत है। समाजवादी पार्टी के लोग इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन करेंगे।
आजाद पार्क में मुफ्त प्रवेश का मुद्दा अभी प्रस्ताव पर ही अटका है। प्रशासन के दावों के अनुसार इसका प्रस्ताव शासन को महीनों पहले भेजा जा चुका है लेकिन उसके बाद की प्रक्रिया ठप है। हालांकि, उपमुख्यमंत्री अपने वादे पर अब भी कायम हैं कि लोगों को प्रवेश शुल्क से जल्द राहत मिलेगी। दो दिन पहले इलाहाबाद आए केशव ने यह वादा फिर दोहराया था लेकिन कब तक इसका जवाब शायद उनके पास भी नहीं है। मंडलायुक्त डॉ.आशीष कुमार गोयल का कहना है कि पार्क में सुबह-शाम मुफ्त प्रवेश का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित कमेटी के चेयरमैन को भी इससे अवगत करा दिया गया है।