अतीक अहमद के 11 खाते सीज करने के बाद अब उसके करीबी रिश्तेदारों के खातों की जांच शुरू हो गई है। इतना ही नहीं अतीक गिरोह के खास शूटरों और गुर्गों के बैंक लोन का बैंकों से हिसाब किताब मांगा गया है। पुलिस का कहना है कि अतीक के परिजनों तथा अन्य करीबियों ने उसके रसूख का इस्तेमाल करते हुए संपत्ति अर्जित की है। ऐसे खातों को गैंगस्टर एक्ट के तहत सीज किया जा सकता है। पुलिस जल्द ही अतीक के परिजनों तथा अन्य गुर्गों के खातों को सीज कर सकती है।
अतीक अहमद के अलग-अलग बैंकों में 11 खाते थे जिसमें तकरीबन एक करोड़ से ज्यादा की रकम थी। सभी खातों को सीज कर उन्हें कुर्क कर दिया गया। अब पुलिस अतीक की पत्नी, बच्चों, भाई और अन्य करीबी रिश्तेदारों के खातों की जांच शुरू कर दी है। उनके खातों के बारे में बैंकों से जानकारी ली गई है। परिवार वालों के साथ ही खास गुर्गों और शूटरों के खातों के बारे में पुलिस जानकारी इकट्ठी की है।
उनके खाते जिस बैंक में हैं, अधिकारियों से उनका हिसाब-किताब मांगा गया है। पुलिस का कहना है कि सभी खातों के लेन-देन का विवरण मिल जाने के बाद उनकी आय, उस आय पर दिये गए इनकम टैक्स समेत तमाम बिंदुओं की जांच की जाएगी। इसके बाद उन्हें सीज कर कुर्क करने के लिए डीएम से अनुमति मांगी जाएगी। गैंगस्टर एक्ट की धारा 14-1 के तहत अतीक अहमद की संपत्तियों की जांच करने वाले इंस्पेक्टर नीरज वालिया ने बताया कि अतीक के साथ ही उनके करीबी रिश्तेदारों, शूटरों और गुर्गों के खातों की जांच की जा रही है।
अशरफ, आबिद और तोता की संपत्तियों की भी जांच
अतीक अहमद के साथ-साथ अशरफ, आबिद प्रधान और तोता की संपत्तियों की भी जांच शुरू कर दी गई है। अशरफ के खिलाफ धूमनगंज थाने में गैंगस्टर की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। गैंगस्टर के उसी मामले में पुलिस आबिद प्रधान और जुल्फिकार उर्फ तोता की भी जांच शुरू कर दी गई है। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस को जांच सौंपी गई है। इंस्पेक्टर ने बताया कि यह जांच अतीक के गैंगस्टर के मुकदमे से अलग है। इसमें यह पता लगाया जा रहा है कि अशरफ, आबिद प्रधान और तोता ने अपराध के माध्यम से कितनी संपत्ति बनाई है।