इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सिंचाई विभाग में ग्रुप सी से जूनियर इंजीनियर सिविल के पद पर प्रोन्नति प्रक्रिया 23 नवंबर तक पूरी करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने प्रमुख सचिव टी वेंकटेश, इंजीनियर इन चीफ व अन्य अधिकारियों को इस आदेश का पालन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। ऐसा नहीं कर पाने पर उनको अदालत में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देना होगा।
यह आदेश न्यायमूर्ति एम सी त्रिपाठी ने मनोज कुमार सिंह व 32 अन्य ग्रुप सी कर्मचारियों की अवमानना याचिका पर दिया है। 16 नवंबर 19 को हाईकोर्ट ने याचियों को प्रोन्नति देने की प्रक्रिया छह माह में पूरी करने का निर्देश दिया है। जिसका पालन न करने पर यह याचिका दाखिल की गई है।
नियमानुसार जूनियर इंजीनियर पद पर 90 फीसदी सीधी भर्ती और 10 फीसदी प्रोन्नति से भरा जाना है। 26 फरवरी 16 को चीफ इंजीनियर ने प्रोन्नति प्रक्रिया शुरू की। कुछ भ्रम के कारण इसे स्थगित कर दिया गया। कोर्ट ने प्रोन्नति प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। जूनियर इंजीनियर मैकेनिकल पद पर प्रोन्नति कर दी गई है किंतु सिविल की प्रोन्नति रुकी हुई है। सरकारी वकील का कहना था कि अधिकारियों की सेवानिवृत्ति या तबादले के कारण आदेश का पालन नहीं हो सका। कोर्ट ने याची को नए अधिकारियों को पक्षकार बनाने की अर्जी दाखिल करने का निर्देश दिया है। याचिका की सुनवाई 23 नवंबर को होगी।