धान क्रय केंद्रों पर 10 फीसदी हाइब्रिड धान खरीदने का निर्देश है लेकिन खरीद नहीं किया जा रहा है। जिससे हाइब्रिड धान की खेती करने वाले किसानों को तगड़ा झटका लगा है।
मेजा के अमिलिया कला, टुड़िहार, मरहा, चमरहा, सोनाई और बंधवा सहित कई गांवों के किसान हाइब्रिड धान की खेती बड़े पैमाने पर करते हैं। बताया जाता है कि हाइब्रिड धान की पैदावार प्रति बीघा 10-12 क्विंटल तक होती है। अमिलिया कला के किसान श्याम द्विवेदी ने बताया कि धान की हाइब्रिड फसल को सरकारी क्रय केंद्र पर नहीं खरीदा जा रहा है। चपरतला के किसान शशिकांत पाठक ने भी अपनी समस्या बताई है। सोनाई के किसान दिलीप विश्वकर्मा ने हाइब्रिड धान की खरीद न किए जाने पर नाराजगी जताई है। संवाद
एमओ विपणन विभाग सुभाष चन्द्र यादव ने बताया कि क्रय केंद्रों पर 10 फीसदी हाइब्रिड धान खरीदने का निर्देश है। उसमें भी अगर 67 फीसदी चावल की रिकवरी होगी तभी खरीदा जाएगा। नमी 17 फीसदी से अधिक नहीं होना चाहिए।