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Inspirational Stories : हॉस्टल के सेवक को कर्ज लेने से रोका, पुराछात्रों ने बेटी की शादी के लिए जुटाए डेढ़ लाख 

Sun, 22 May 2022 06:28 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

परिवार का हालचाल लिया तो पता चला कि भीम बेटी शादी के लिए कर्ज लेने की तैयारी कर रहे हैं। अजित ने भीम से कहा, ‘तुम्हारी सेवा का कर्ज हम लोगों पर है। बिटिया की शादी की तैयारी करो, नाचो-गाओ, पैसा तुम्हारे कर्जदार यानी हम देंगे।’
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
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विस्तार
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के ताराचंद हॉस्टल में सेवक के पद पर तैनात भीम अपनी बेटी की शादी के लिए महीनों से खर्च के इंतजाम में जुटे हुए थे। महज 12 हजार वेतन के साथ परिवार का पेट पाल रहे भीम के लिए रकम जुटाना आसान नहीं था। तभी एक दिन हॉस्टल के पुराछात्र अजित सिंह वहां पहुंचे।

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परिवार का हालचाल लिया तो पता चला कि भीम बेटी शादी के लिए कर्ज लेने की तैयारी कर रहे हैं। अजित ने भीम से कहा, ‘तुम्हारी सेवा का कर्ज हम लोगों पर है। बिटिया की शादी की तैयारी करो, नाचो-गाओ, पैसा तुम्हारे कर्जदार यानी हम देंगे।’


बिटिया की शादी छह जून को है। भीम की मदद के लिए सोशल मीडिया पर अभियान छेड़ा गया तो बड़ी संख्या के भीम के ‘कर्जदार’ यानी हॉस्टल के पुराछात्र मदद के लिए आगे आए। देखते ही देखते डेढ़ लाख रुपये का इंतजाम हो गया। अब भी हॉस्टल परिवार के सदस्य मदद के लिए आगे आ रहे हैं। पुराछात्रों ने भीम से कहा है कि मस्त रहिए, बिटिया के लिए भाइयों के हाथ बढ़ गए हैं।

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अब तक 55 पुरा छात्र आए हैं सामने
खुशी-खुशी विदा करो और हम लोगों को भी आशीर्वाद दो कि हमारा परिवार ऐसे ही बना रहे। सोशल मीडिया पर एक पुराछात्र ने अपनी यादें ताजा करते हुए लिखा है कि जब वह हॉस्टल से बाहर जाते थे, तब भीम से कहते थे कि मैं यूनिवर्सिटी रोड जा रहा हूं। हो सकता है सिविल लाइंस भी जाऊं। देर हो जाए तो मेरा खाना ढक कर रख देना।


बिटिया की शादी के लिए अब तक 55 से अधिक पुराछात्र आगे आए हैं। किसी ने 1100, किसी ने 2100 तो किसी ने 5100 रुपये की मदद की है। इनमें एडीएम विनीत सिंह, बीएसएफ में तैनात रणधीरसिंह, एक्साइज में कार्यरत अजय सिंह, एसडीएम मनोज सिंह, सिविल जज राजकुमार तिवारी, आरपीएफ में तैनात शिवम दुबे, सब इंस्पेक्टर जितेंद्र गुप्ता आदि शामिल हैं।


पुराछात्र अजित सिंह को खुद से अधिक हॉस्टल परिवार पर विश्वास था कि एक संदेश पर भीम की बिटिया की शादी के लिए सभी पुराछात्र आगे आएंगे। अजित हॉस्टल के दिनों को याद करते हुए कहते हैं कि परसी हुई थाली में से किसी के आने पर हम लोग खाना बाट लेते थे, यह तो कन्यादान है।
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