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pwd department : अवर अभियंताओं को पदावनत करने के शासन के आदेश को अफसरों का ठेंगा

Sun, 22 May 2022 12:49 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

समूह ग के लिपकीय एवं अन्य संवर्गों के डिप्लोमाधारक कर्मचारियों को नियम के विपरीत अवर अभियंता के पद पर प्रोन्नति दिए जाने के निर्णय को शासन ने गलत मानते हुए निरस्त कर दिया है।
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विस्तार
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पीडब्ल्यूडी में बड़े पैमाने पर नियमों को ताक पर रखकर हुई लिपिकों की पदोन्नति के घपले को अफसर दबाने में जुट गए हैं। इस मामले में अफसरों ने शासन के आदेश को भी ठेंगा दिखा दिया है। प्रमुख अभियंता नियोजन की अध्यक्षता में गठित कमेटी की रिपोर्ट पर 106 अवर अभियंताओं को उनके मूल लिपिक पद पर पदावनत करने संबंधी आदेश को दर किनार कर दिया गया है। अब तक इन अवर अभियंताओं को न हटाने के मामले पर शासन ने सख्त नाराजगी जताई है। इस पर प्रमुख सचिव नरेश भूषण ने प्रमुख अभियंता से जवाब तलब किया है।

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समूह ग के लिपकीय एवं अन्य संवर्गों के डिप्लोमाधारक कर्मचारियों को नियम के विपरीत अवर अभियंता के पद पर प्रोन्नति दिए जाने के निर्णय को शासन ने गलत मानते हुए निरस्त कर दिया है। प्रमुख सचिव ने लिपकीय संवर्ग के पदावनत किए गए कर्मचारियों की मूल पदों पर वापसी न होने पर नाराजगी जताई है। अनु सचिव दुर्गा सिंह ने प्रमुख अभियंता (विकास) एवं पीडब्ल्यूडी के विभागाध्यक्ष को भेजे पत्र में कहा है कि 106 कर्मियों के प्रोन्नति आदेश अब तक निरस्त हुए या नहीं?

शासन के आदेश का नहीं कराया गया अनुपालन

अगर प्रोन्नति आदेश निरस्त कर दिया गया है तो इसका अब तक अनुपालन क्यों नहीं कराया गया। लिपकीय संवर्ग के कर्मचारियों को अवर अभियंता के पदों से हटाकर मूल पदों पर न भेजे जाने के मामले पर शासन की ओर से जवाब तलब किए जाने के बाद अफसरों के माथे पर बल पड़ गए हैं।  पीडब्ल्यूडी में अमान्य दस्तावेजों के आधार पर मनमाना तरीके से लिपिकों को जेई बना दिया गया था।


इस गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार कई अफसरों को चिह्नित भी किया गया है। नौ वर्ष पहले 2013 में सपा सरकार के दौरान 122 लिपिकों को नियम को ताक पर रखकर अवर अभियंता (जेई) के पद पर प्रोन्नति प्रदान की गई थी। अफसरों के मुताबिक इस प्रोन्नति के लिए जारी नियमावली के तहत जेई के 95 फीसदी पदों को आयोग के माध्यम से सीधी भर्ती के जरिए भरा जाना था। जबकि, पांच प्रतिशत पदों पर विभाग में नियुक्त समूह ग के लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों को पदोन्नति दी जानी थी। लेकिन, नियमों को ताक पर रख दिया गया।
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प्रोन्नति में दोबारा गड़बड़ी रोकने के लिए कमेटी गठित
प्रोन्नति में इस तरह की गड़बड़ी दोबारा न होने पाए इसके लिए प्रमुख सचिव के निर्देश पर मुख्य अभियंता की अध्यक्षता में एक कमेटी हठित कर दी गई है। यह कमेटी प्रोन्नति के लिए संस्तुति उपलब्ध कराएगी। इसके अलावा प्रोन्नति के लिए मान्य डिप्लोमा के मॉडल्स का अध्ययन भी करने का अधिकार इस कमेटी के पास होगा।
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