कैंट के राजापुर में दरोगा के बेटे रजनीश पांडेय (25) ने फोन पर बातें करते हुए फंदे पर लटककर जान दे दी। पुलिस दरवाजा तोड़कर दाखिल हुई तो उसके कान में ईयर फोन लगा मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं परिजन भी शहर के लिए चल लिए हैं।
रजनीश मूल रूप से गोरखपुर के कैम्पियरगंज थाना क्षेत्र के मैसला गांव का रहने वाला था। उसके पिता हरिमाधो पांडेय पुलिस विभाग में दीवान थे, जो वर्तमान में प्रोन्नत होकर उन्नाव में दरोगा की ट्रेनिंग कर रहे हैं। रजनीश राजापुर के ऊंचवागढ़ी मोहल्ले में डॉ. कमालुद्दीन के मकान में किराये पर कमरा लेकर रहता था। उसकी बहन अंजलि सिविल लाइंस में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करती है।
पुलिस के मुताबिक, मंगलवार शाम 4.30 बजे के करीब घरवालों ने कई बार फोन लगाया लेकिन रजनीश ने जवाब नहीं दिया। सूचना पर पुलिस पहुंची तो कमरे का दरवाजा भीतर से बंद था।
किसी तरह पुलिसकर्मी भीतर दाखिल हुए तो वह फंदे पर लटका मिला। सूचना मिली तो बहन भी आ गई।
मोबाइल लिया गया कब्जे में
पुलिस सूत्रों का कहना है कि मृतक के कान में ईयरफोन लगा था। ऐसे में पूरी आशंका है कि वह किसी से फोन पर बात करते हुए फंदे पर लटका। कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। बहन भी कोई कारण नहीं बता पाई है। मोबाइल कब्जे में ले लिया गया है। कैंट इंस्पेक्टर रुकुमपाल सिंह का कहना है कि जांच पड़ताल की जा रही है।
हफ्ते भर पहले ही आया था गांव से
बहन से पूछताछ में पता चला कि रजनीश गांव में रहता था। 16 अगस्त को ही राजापुर स्थित किराये के कमरे में सामान शिफ्ट किया था। वह दो बहनों में अकेला भाई था। पुलिस का कहना है कि जांच पड़ताल की जा रही है।