prayagraj news : नैनी के चकरघुनाथ मुहल्ले में छात्र को गोली मारने की घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस।
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बताते चलें कि मूलत: औद्योगिक क्षेत्र थाना क्षेत्र के बेंदौ गांव निवासी सभाजीत सिंह पुलिस विभाग में इंस्पेक्टर हैं। वर्तमान में वह आजमगढ़ में कोरोना सेल प्रभारी के पद पर तैनात हैं। वह नैनी कोतवाली क्षेत्र के चक रघुनाथ मोहल्ले में मायाश्री अपार्टमेंट के पीछे अपना मकान बनाकर रहते हैं। घर पर उनकी पत्नी सुभद्रा सिंह, बेटा अमरेंद्र सिंह (17) व 15 साल की बेटी है।
बेटा अमरेंद्र सिंह राजकीय इंटर कालेज में 11वीं का छात्र है, जबकि बेटी डीपीएस कालेज, नैनी में हाईस्कूल की छात्रा है। मंगलवार की शाम को इंस्पेक्टर की बेटी ने शोर मचाया कि उसके घर की चहारदीवारी फांदकर घुसे तीन लड़कों ने पहले उसे पीटा और फिर उसके भाई अमरेंद्र को गोली मार दी। अमरेंद्र के सीने व पेट में कुल तीन गोलियां लगीं हैं।
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लड़की ने बताया कि बदमाश जेवर भी लूट ले गए हैं। पुलिस मौके पर पहुंची। क्राइम ब्रांच बुला ली गई। पूरी गली मोहल्ले को खंगाला गया। सीसीटीवी फुटेज, घर की फोरेंसिक जांच कराई गई, लेकिन कहीं कोई सुराग पुलिस के हाथ नहीं लग रहा था। उसी दौरान एसपी क्राइम आशुतोष मिश्रा व सीओ सोमेंद्र मीणा ने महिला कांस्टेबिल बुलाकर पूछताछ कराई तो सारी सच्चाई सामने आ गई।
पता चला कि अमरेंद्र को उसकी छोटी बहन ने ही पिस्टल से गोली मारी थी। उसी के बाद पुलिस ने किशोरी को हिरासत में ले लिया और लिखा पढ़ी में उसकी गिरफ्तारी दिखा दी। हालांकि हमले की वजह अभी तक पुलिस स्पष्ट नहीं कर पाई है। इंस्पेक्टर नैनी जीतेंद्र सिंह ने बताया कि कंट्रोल रूम की सूचना पर पहले लूट की धारा 394 आईपीसी का मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसे जानलेवा हमले व अवैध असलहा के प्रयोग की धारा में तरमीम कर दिया गया। बृहस्पतिवार को किशोरी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।