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Mahakumbh : संगम तट पर उमड़ा आस्था का अनंत विश्वास, थम नहीं रहा श्रद्धालुओं का रेला

Mon, 17 Feb 2025 08:43 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, महाकुंभ नगर (प्रयागराज)

सार

संगम की रेती पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला अनवरत जारी है। दिन हो या रात श्रद्धालुओं की संख्या में तनिक भी कमी नहीं देखी जा रही है। मेला प्रशासन के मुताबिक सोमवार को रात आठ बजे तक एक करोड़ 35 लाख श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके थे। आस्था और विश्वास का यह रेला लगातार त्रिवेणी तट की ओर बढ़ता जा रहा है। मेले में सुरक्षा व्यवस्था का पुख्ता इंतजाम किया गया है। 
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सोमवार को महाकुंभ में उमड़ी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।

महाकुंभ में सोमवार फाल्गुन कृष्ण पंचमी तिथि को बिना किसी विशेष तिथि-मुहूर्त के ही संगम पर आस्था का जन ज्वार उमड़ पड़ा। भोर में ही संगम जाने वाले रास्ते श्रद्धालुओं से भर गए। प्रयागराज जंक्शन, रामबाग और झूंसी सहित किसी स्टेशन पर पैर रखने की तक की जगह नहीं रही। जितने श्रद्धालु मेला से निकलकर अपने गंतव्य को जा रहे हैं, उससे ज्यादा स्नानार्थी संगम तट पर पहुंच रहे हैं। 

महाकुंभ की ओर जाने वाली सड़कों पर सिर्फ गठरी, झोला लिए श्रद्धालुओं की भीड़ ही दिख रही है। सड़कों पर इस कदर आस्था हिलोरें मारती रही कि पैदल संगम से शहर तक मौनी अमावस्या सरीखा दृश्य नजर आ रहा है। संगम में अमृत स्नान के लिए आस्था का जन प्रवाह इसी तरह उफनाता रहा। रात आठ बजे तक एक करोड़ 35 लाख श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने का मेला प्रशासन ने दावा किया है। आंकड़े के मुताबिक अब तक 54 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम स्नान कर चुके हैं। सोमवार को भी संगम पर तिल रखने की जगह नहीं बची।

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महाकुंभ में सोमवार को उमड़ी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
संगम जाने वाले सभी रास्तों पर भारी भीड़

भीड़ का दबाव बढ़ा तो प्रशासन की ओर से एक बार फिर संगम जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग करनी पड़ी। सुबह 10 बजे भीड़ बढ़ने पर केंद्रीय अस्पताल जाने वाले रास्ते पर भी पुलिस ने बैरिकेडिंग कर दी। पखवारे भर से लगा आस्था का तांता आधी रात के बाद और तेज होने से संगम जाने वाली सड़कों पर हर तरफ जन ज्वार देख पांटून पुलों के साथ ही शहर के बाहर की सीमा पर भी वाहनों को रोका जाने लगा। संगम जाने वाले सभी रास्ते श्रद्धालुओं की भीड़ से खचाखच भर गए। अमृतमयी त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी के लिए एक लय में रात तक भक्ति की लहरें हिचकोले खाती रहीं।
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महाकुंभ में श्रद्धालुओं की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
सिर पर गठरी, हाथ में गैलन लेकर संगम की ओर बढ़ रहे भक्त

संगम पर भक्ति की लहरों के एक बार फिर उठने के बाद मेला प्रशासन की ओर से घाटों पर भीड़ न लगाने की लगातार अपील की जा रही है। संगम के घाटों पर हर तरफ स्नानार्थी ही नजर आ रहे थे। कोई दंड-कमंडल लेकर तो कोई सिर पर गठरी और कंधे पर झोला-बोरा लिए संगम की ओर बढ़ रहा है। रास्ते भर जय गंगा मैया, हर-हर महादेव और जय श्रीराम के गगनभेदी जयघोष लगाते लाखों श्रद्धालु देर रात तक संगम पहुंच चुके हैं। उधर,बढ़ती भीड़ के बीच संगम जाने वाले मार्गों पर शहर के लोगों ने भी श्रद्धालुओं की मदद और सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी।

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त्रिवेणी मार्ग में महाकुंभ मेले में घुसे वाहन। - फोटो : अमर उजाला।
स्टेशन से लेकर मेला तक भीड़ ही भीड़

रेलवे स्टेशनों से लेकर मेले तक भीड़ ही भीड़ नजर आ रही है। रविवार को छुट्टी का दिन होने के कारण भारी भीड़ हुई थी। माना जा रहा था कि सोमवार को श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आ सकती है, लेकिन सारे अनुमान गलत निकले। रविवार देर रात से ही श्रद्धालुओं का रेला उमड़ने लगा और सोमवार को दोपहर होते होते फिर भीड़ संगम क्षेत्र की ओर बढ़ने लगी। जितने श्रद्धालु स्नान करके लौट रहे हैं उससे ज्यादा लोग पहुंच रहे हैं। स्नान के बाद श्रद्धालु श्री बड़े हनुमानजी का दर्शन भी कर रहे हैं। 
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महाकुंभ में उमड़ी भीड़। - फोटो : अमर उजाला।
रिक्शा और ठेलिया वाले कर रहे मनमानी वसूली

भारी भीड़ को देखते हुए रिक्शा और ठेलिया वाले मनमानी वसूली कर रहे हैं। अलोपीबाग से संगम तक पहुंचाने के लिए एक श्रद्धालु से तीन सौ रुपया वसूल रहे हैं। इतना ही पैसा आने का भी लग रहा है। चलने फिरने में असमर्थ श्रद्धालुओं की मजबूरी का फायदा उठाकर ठेलिया वाले मनमानी पर उतारू हैं। बाइक गैंग भी मेले में सक्रिय है। 300 से 500 रुपया अलोपी बाग से संगम तक या संगम से प्रयागराज जंक्शन, रामबाग या झूंसी स्टेशन तक पहुंचाने का लिया जा रहा है। 
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