हनुमान चालीसा में एक लाइन है, ''अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता असवर दीन जानकी माता'' कहने का तात्पर्य है कि भगवान हनुमान दुनिया में एक मात्र ऐसे हैं जिन्हें अष्ट सिद्धी प्राप्त हैं। यह उन्हें माता सीता द्वारा प्रदान की गईं थीं। यह सिद्धियां अणिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व, वशित्व हैं। वैसे तो अघोरी भगवान शिव द्वारा स्थापित माना जाने वाला एक रहस्यमयी साधना पंथ है और इनमें जो साधना की जाती है उनमें इन अष्ट सिद्धियों को प्राप्त करने का भी प्रयास होता है। मन में सवाल था कि क्या महिलाएं भी इस पंथ का हिस्सा होती है?