सिविल लाइंस थाने में नए कानून के प्रति जागरूकता के लिए हुई गोष्ठी में बोलत पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा।
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यौन अपराधों में आजीवन कारावास तक की सजा का प्राविधान
आयुक्त ने बताया कि नए प्राविधानों में पुलिस को 90 दिन के भीतर जांच की प्रगति के बारे में पीड़ित को सूचित करना अनिवार्य है तथा पीड़ित की मेडिकल जांच उसकी सहमति से और अपराध की सूचना मिलने के 24 घंटे के भीतर कराए जाने अधिकार प्राप्त करने के प्राविधान है।
महिलाओं एवं बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराधों में कठोर दंड (आजीवन कारावास या मृत्युदंड) का प्राविधान किया गया है तथा चिकित्सकों को बलात्कार से पीड़ित महिला की मेडिकल रिपोर्ट सात दिनों के भीतर जांच अधिकारी को भेजने एवं पीड़ित महिला का बयान, केवल महिला न्यायिक मजिस्ट्रेट के द्वारा दर्ज किया जाएगा और उसकी अनुपस्थिति में किसी महिला की उपस्थिति में पुरुष न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा दर्ज किये जाने का प्राविधान है।
आपराधिक न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सुलभ बनाया गया है। नागरिकों को अभियोजन पक्ष की सहायता के लिए अपना स्वयं का कानूनी प्रतिनिधित्व करने का अधिकार प्रदान किया गया है। इस मौके पर शहर के तमाम व्यापारी, समाजसेवी, महिलाएं और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
पुराने कानून की अपेक्षा नए कानून से जल्द मिलेगा न्याय : एडीसीपी
एक जुलाई से पूरे देश में लागू हुए नए कानून को लेकर सोमवार को घूरपुर थाने में गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें लागू हुए तीन नए कानूनों की जानकारी दी गई। गोष्ठी की अध्यक्षता एडीसीपी यमुनानगर अभिजीत कुमार ने किया। उन्होंने बताया कि महिला अपराध से लेकर संगठित अपराधों की धाराओं में बदलाव करते हुए अब उन्हें और सख्त किया गया है। संगठित अपराध सिद्ध होने पर आरोपी को अब के नए कानून में मृत्य दंड का प्रावधान दिया गया है।
एसीपी कौंधियारा विवेक कुमार यादव ने बताया अब मुकदमा दर्ज कराने के लिए थाने आने की जरूरत नहीं है। घर बैठे ही पीड़ित व्यक्ति ई-रिपोर्टिंग के माध्यम से केस दर्ज करा सकता है बशर्ते केस दर्ज होने के तीन दिन के भीतर सभी औपचारिकता पूर्ण करनी होगी। किसी की गिरफ्तारी को लेकर ऑडियो और वीडियो की रिकार्डिंग जरूरी है।
पुलिस जो अब तक मुल्जिमों की कस्टडी रिमांड 15 दिन की लेती थी और उसमें आरोपी बीमारी का बहाना बताकर जांच प्रक्रिया को बाधित करता था। नए कानूनों बदलाव से 15 दिन की रिमांड जांच केे लिए कई बार बढ़ाई जा सकती है। इसी तरह तीन नए कानून की विस्तार से जानकारी लोगो को दी गई । इस मौके पर एसएचओ घूरपुर केशव वर्मा, अति प्रभारी नितेंद्र शुक्ल, दिनेश सिंह, वेदपाल सिंह, अमित सिंह, विक्की गुप्ता मौजूद रहे।