कैप्टन चिति बाबू को फ्लाइंग में प्रथम आने के लिए एवं स्क्वाड्रन लीडर अंकुर पवार को सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षक के लिए ट्राफी दी गई। यहां समीक्षा अधिकारी के रूप में मौजूद एयर कमोडोर एके चौरसिया, एयर ऑफिसर कमांडिंग वायु सेना स्थल बमरौली ने युवा अधिकारियों को कुशल प्रशिक्षण देने के लिए बीएफटीएस की तारीफ की।
पांच महीने के कठिन ट्रेनिंग के बाद भारतीय सेना को 26 जांबाज हेलीकॉप्टर पॉयलट मिले हैं। बमरौली स्थित बेसिक फ्लाइंग ट्रेनिंग स्कूल (बीएफटीएस) में 209 वें आर्मी एविएटर्स कोर्स के समापन पर बताया गया कि इन जवानों का उड़ान प्रशिक्षण का अब सफल समापन हो गया है। इस दौरान एयर कमोडोर एके चौरसिया ने प्रशिक्षण के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को ट्राफी प्रदान की।
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इस अवसर पर लेफ्टिनेंट नमन बंसल को बेस्ट इन ओवर ऑल मेेरिट ट्राफी से सम्मानित किया गया। वहीं कैप्टन चिति बाबू को फ्लाइंग में प्रथम आने के लिए एवं स्क्वाड्रन लीडर अंकुर पवार को सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षक के लिए ट्राफी दी गई। यहां समीक्षा अधिकारी के रूप में मौजूद एयर कमोडोर एके चौरसिया, एयर ऑफिसर कमांडिंग वायु सेना स्थल बमरौली ने युवा अधिकारियों को कुशल प्रशिक्षण देने के लिए बीएफटीएस की तारीफ की।
कार्यक्रम में बताया गया कि सभी 26 नवोदित एविएटर्स को पिछले पांच माह कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन अमित हरि कुलकर्णी द्वारा ट्रेनिंग दी गई। ग्रुप कैप्टन हरि कुलकर्णी ने दिसंबर 2002 में भारतीय वायु सेना मेें फ्लाइंग पॉयलट के रूप में कमीशन प्राप्त किया। उनके पास 3500 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव है।
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1987 में स्थापित हुआ था बीएफटीएस
समापन समारोह में बताया गया कि बीएफटीएस भारतीय वायु सेना का एक प्रमुख उड़ान प्रशिक्षण संस्थान है। एचपीटी-32 विमान पर पायलटों को प्रारंभिक प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए 16 दिसंबर 1987 में इसे स्थापित किया गया था। पांच जुलाई 1999 से बीएफटीएस की भूमिका भारतीय वायुसेना के फ्लाइट कैडेटों को तैयार करने से भारतीय सेना, नौसेना और तटरक्षक बल के अफसरों को प्रशिक्षित करने के लिए बदल दी गई। हेलीकॉप्टर पर भारतीय सेना के अफसरों को प्रारंभिक उड़ान प्रशिक्षण देने के लिए 26 दिसंबर 2005 को इस स्कूल को चेतक हेलीकॉप्टरों से सुसज्जित किया गया।