प्रयागराज में तीन स्थानों पर दीदी कैफे खोलने की मंजूरी मिली है। इसमें नगर निगम कार्यालय परिसर, केंद्रीय पुस्तकालय और मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय परिसर शामिल हैं। सीएमओ कार्यालय में दीदी कैफे का काम पूरा हो चुका है। दस दिन पहले इस कैफे का उद्घाटन होना लगभग तय था।
प्रदेश के सभी जिलों के सरकारी विभागों में खुलने वाले दीदी कैफे को लेकर नाम परिवर्तन का पेच फंस गया है। इसके बाद जिन दीदी कैफे का उद्घाटन होना था, वह फिलहाल अधर में पड़ गया है। इसी में प्रयागराज के मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय परिसर में बनकर तैयार हो चुका दीदी कैफे भी शामिल है। इस कैफे को बनकर तैयार हुए दस दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक इसका उद्घाटन नहीं हो सका है।
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प्रयागराज में तीन स्थानों पर दीदी कैफे खोलने की मंजूरी मिली है। इसमें नगर निगम कार्यालय परिसर, केंद्रीय पुस्तकालय और मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय परिसर शामिल हैं। सीएमओ कार्यालय में दीदी कैफे का काम पूरा हो चुका है। दस दिन पहले इस कैफे का उद्घाटन होना लगभग तय था। मगर नगर निगम के डूडा ने यह कहकर उद्घाटन को रोक दिया कि कैफे के नाम में परिवर्तन करने का निर्देश शासन से मिला है।
कैफे का नाम क्या होगा अभी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसलिए जब तक नाम नहीं बता दिया जाता, कैफे का शुभारंभ नहीं हो सकता। बता दें कि दीदी कैफे स्वयं सहायता समूह की महिलाएं चलाएंगी। यहां पर छोले भटूरे, समोसे, चाऊमीन, ब्रेड पकौड़ा, पेटीज, अमूल छाछ, चिप्स, नमकीन, कुल्हड़ चाय सहित अन्य खानपान की सामग्री कम दाम पर उपलब्ध होगी।
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शासन द्वारा नाम परिवर्तन सहित कुछ अन्य बदलाव का निर्देश प्राप्त हुआ है। ऐसे में शासनादेश के बाद ही दीदी कैफे के उद्घाटन की तिथि तय की जाएगी। - वर्तिका सिंह, परियोजना निदेशक, डूडा, नगर निगम
कैफे तो पूरी तरह से तैयार है, सामान भी पहुंच गया है, बस डूडा के निर्देश का इंतजार है। बताया गया है कि नाम में परिवर्तन किया जाना है। - सोनालिका श्रीवास्तव, संचालिका, दीदी कैफे, सीएमओ कार्यालय