मामले में सोमवार को प्राचार्य मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज डॉ. एसपी सिंह ने अस्पताल के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक करके कई बदलाव का निर्णय लिया। इसमें सभी स्टाफ को स्पष्टरूप से निर्देश दिया गया है कि वह मरीजों और तीमारदारों के साथ व्यवहार में सुधार करें। साथ ही रात में समय से दवा, इंजेक्शन आदि उपलब्ध करायी जाए। इसके निगरानी की जिम्मेदारी रात के इंचार्ज को दी गई है। साथ ही कहा गया है कि इस प्रकार का मामला दोबारा सामने आने पर वार्ड ब्वाय, नर्स के साथ ही मैट्रेन की भी जिम्मेदारी होगी।
नई व्यवस्थाओं की जांच के लिए नियमित रूप से एक कमेटी बनाकर निगरानी की जाएगी। इसके अलावा स्टॉक में 50 चादरें हमेशा उपलब्ध रखने का निर्देश भी प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने दिया है। बताया कि विभागाध्यक्षों की अलग-अलग टीम बनाकर रात में आकस्मिक निरीक्षण की व्यवस्था की गई है। इससे इस प्रकार की घटना भविष्य में ना हो, इसको सुनिश्चित कराया जाएगा।