पति पत्नी की पीट-पीटकर हत्या के मामले में जिला अदालत ने एक ही परिवार के छह लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। जबकि एक अभियुक्त की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो जाने के कारण उसका मुकदमा समाप्त कर दिया गया। कोर्ट ने हत्या के जुर्म में भुवर, लिटिल, देवीलाल, रामू, बड़ेलाल और कुलदीप को उम्र कैद और तीन- तीन हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह आदेश अपर जिला जज पूनम ने एडीजीसी राहुल मिश्रा को सुन कर दिया है।
घटना चार जनवरी 2015 की झूंसी के इसीपुर गांव की है। वादी सोनू उर्फ मूलचंद ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि मेरे पिता राम सजीवन और मां शांति घर में खाना खाकर सो रहे थे। रात लगभग दस बजे अचानक उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर आंगन में आया तो देखा कि अभियुक्त गण भंवर ,लिटिल, बनवारीलाल, बड़े, कुलदीप, देवीलाल और रामू मेरे पिता और मां को कुल्हाड़ी, रंभा, लाठी डंडा से मारपीट रहे हैं ।
मेरी मां चिल्लाती हुई घर से बाहर भागी तो उसे घर के ही सामने सड़क पर घेर कर मारने पीटने लगे मैंने घर से बाहर आकर शोर मचाया तो आसपास के लोगों के आने पर अभियुक्त गण मौके से भाग गए मेरे पिता की मौके पर ही और मां की अस्पताल ले जाते समय मृत्यु हो गई थी । अभियुक्त गण की वादी से पुरानी रंजिश थी । दौरान मुकदमा अभियुक्त बनवारी लाल की मृत्यु हो गई है। प्रकरण में डीजीसी गुलाब चंद्र अग्रहरी के निर्देशन में अभियोजन ने 11 गवाह प्रस्तुत कर आरोप साबित किया है।