फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईकोर्ट: पशु आहार घोषित नमकीन की इंसानों के लिए बिक्री मामले में सरकार पर 50000 का जुर्माना, जानें पूरा मामला

Wed, 04 Oct 2023 03:51 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

वर्ष 2020 में अमर उजाला में प्रकाशित इस खबर का हाईकोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति समित गोपाल की पीठ ने स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया था। यह फैसला मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाक और न्यायमूर्ति समित गोपाल की खंडपीठ ने सुनाया।
विज्ञापन
इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नामी कंपनियों की पशु आहार घोषित नमकीन की दोबारा पैकिंग करके स्थानीय बाजार में खपाने के मामले में हाईकोर्ट ने सरकार पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। वर्ष 2020 में अमर उजाला में प्रकाशित इस खबर का हाईकोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति समित गोपाल की पीठ ने स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया था। यह फैसला मुख्य न्यायाधीश प्रीतिंकर दिवाक और न्यायमूर्ति समित गोपाल की खंडपीठ ने सुनाया।

विज्ञापन


कोर्ट ने बरेली से अमर उजाला में 21 फरवरी 2020 को प्रकाशित खबर का संज्ञान लिया था, जिसमें कहा गया था कि हल्दीराम, बीकानेरी, बीकाजी, पारले, बालाजी, क्रेक्स जैसी नामी कंपनियां की रिजेक्टेड नमकीन को कुछ धंधेबाज मिक्स नमकीन बनाकर बाजार में खपा रहे हैं। दीपावली के दौरान प्रशासन की छापेमारी में आधा दर्जन कारखानों में यह मामला पकड़ा गया था।

ब्रह्मपुरा स्थित कारखाने पर छापेमारी में करीब ढाई क्विंटल से ज्यादा घटिया नमकीन नष्ट कराई गई थी। दरअसल, नामी कंपनियां जरा-सी खामी मिलने पर नमकीन को रिजेक्ट करके पशु आहार के लिए नीलाम करती हैं। मिलावटखोर इस नमकीन को नीलामी के दौरान सस्ते में खरीदकर सस्ते में ही खुले या दोबारा पैक करके बेचा करते थे। बरेली में हर दिन 100 टन की खपत होती थी। कोर्ट ने जनस्वास्थ्य के साथ हो रहे इस खतरनाक खेल को गंभीर मानते हुए अफसरों से जानकारी मांगी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें