फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैंसर की मरीज रहीं नर्स बनीं कोरोना वैरियर्स

विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना के बढ़ते मरीजों के साथ स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में तैनात चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की जिम्मेदारियां भी बढ़ती जा रही हैं। टीम में कुछ ऐसे भी कर्मचारी हैं जो किसी बीमारी से लड़ रहे हैं, लेकिन लोगों की सेवा से पीछे नहीं हट रहे। इनमें से एक हैं छाया अवस्थी। न्यू प्राइवेट वार्ड की सिस्टर इंचार्ज छाया की दो बार ब्रेस्ट कैंसर की सर्जरी हो चुकी हैं। ऐसी गंभीर बीमारी के बावजूद छाया कोरोना से डरी नहीं और अस्पताल प्रशासन से आग्रह कर उन्होंने अपनी ड्यूटी संक्रमित मरीजों की सेवा के लिए वार्ड में लगवाई। हालांकि, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और सर्जरी विभागाध्यक्ष ने उन्हें संक्रमित मरीजों के बीच ड्यूटी से रोका, लेकिन वह मानी नहीं। अपनी ड्यूटी लगवाई और 14 दिन लगातार ड्यूटी की। अवधि पूरी होने के बाद छाया क्वारंटीन हो गईं। एसआरएन में दो मई से कोरोना मरीज भर्ती होने लगे थे। इसके बाद से चिकित्सकों के अलावा नर्स सरिता, ज्योतिबाला, शोभादेवी, प्रमिला कुमारी, अंजना, प्रियंका, अकीला बेगम, समता वर्मा, अनोखी, ममता, कंचन, प्रभा फिलीप, सैमुअल, रोमा दास, शामली, कंचन आदि नर्सों ने भी कोविड वार्ड में अपनी-अपनी सेवाएं दीं।
विज्ञापन

जिले में सबसे पहला नमूना मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर का लिया गया था। शुरू में जिस तकनीशियन की ड्यूटी लगाई गई, वह नमूना लेने ही नहीं जा रहे थे। उस समय माइक्रोबायोलॉजी में जांच कर रहे तकनीशियन सीके सिंह और शिवबाबू ने हिम्मत जुटाई और कोरोना की शिकायत करने वालों का नमूना लिया। शिवबाबू ने बताया कि शुरुआत में उन्हें भी डर लगा, लेकिन एक दिन के बाद फिर सामान्य बात हो गई। उसके बाद भी दूसरे लैब तकनीशियन भी नमूना लेने की हिम्मत जुटाने लगे। वर्तमान में करीब 18 तकनीशियनों की टीम लगी हुई है। इसमें अतुल मौर्या, विजय सिंह, अरविंद कुशवाहा, अखिलेश पांडेय, जकारिया अहमद, संदीप सिंह, विजय पाल सेन और स्वाब सैंपल लेने में शिवलखन, विक्रम, बृजेश पांडेय, जितेंद्र सिंह, विजय गौतम, सुनील, हनुमान सिंह, केएन यादव, राम प्रवेश यादव, वसीम जमाल, बाल्मीकि सिंह, रंजू बाबू, ममता शुक्ला, रिचा और डिमांसटेटर रवि, दीपक, वासिक अहमद, प्रियंका, अनूप भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। वरिष्ठ लैब तकनीशियन पीएल प्रकाश कहते हैं कि सभी तकनीशियनों के सहयोग से हम महामारी से लड़ पा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें