यहां से खाद उत्तर प्रदेश समेत बिहार, बंगाल, उड़ीसा, असम को भेजी जाती है। इस तरह से 22 दिसंबर को हुए हादसे के बाद 88 मीट्रिक टन उत्पादन घटा है। इससे पिछले चार दिनों से गैर राज्यों में खाद नहीं भेजी जा सकी है। अकेले पी-2 प्लांट में हो रहे उत्पादन के सहारे किसी तरह आस पास के जिलों में खाद की सप्लाई की जा रही है। पी-1 प्लांट में अभी उत्पादन शुरू होने की संभावना नजर नहीं आ रही है। ऐसे में यूरिया खाद का संकट गहरा सकता है।