माघ मेले में जिस भी शिविर में कोरोना पॉजिटिव केस पाए जाएंगे, उसे सीज कर दिया जाएगा। ऐसी स्थिति आने पर उस शिविर में अनुष्ठान करने वाले कल्पवासी और अन्य श्रद्धालु भी प्रभावित होंगे। ऐसे में इस बार थोड़ा सा भी शारीरिक अस्वस्थता होने पर महीने भर के कल्पवास के लिए न आएं। जो लोग पूर्ण रूप से सवस्थ हों, वही कल्पवास के लिए आएं। तीन दिन पूर्व की रिपोर्ट लेकर आने पर ही माघ मेला में कल्पवासियों को प्रवेश दिया जाएगा। बृहस्पतिवार को प्रयागराज मेला प्राधिकरण कार्यालय में तीर्थपुरोहितों के साथ हुई बैठक में मेला प्रशासन ने यह आग्रह किया। कोरोना काल में सनातन परंपराओं को कैसे सुरक्षित रखा जाए और कल्पवासियों को कैसे महीने भर संक्रमण से बचाया जाए, इसे लेकर विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।
माघ मेला प्रशासन से जुड़े अफसरों ने तीर्थपुरोहितों से कहा कि जो कल्पवासी किसी भी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हों, उन्हें मेले में नहीं आने दिया जाना चाहिए। वह लोग कल्पवास के लिए आएं, जो महीने भर स्वस्थ्य रहकर अपना संकल्प पूरा कर लें। तीन दिन पूर्व की कोरोना जांच रिपोर्ट लेकर आने पर ही कल्पवासियों को प्रवेश मिलेगा। इसके अलावा हफ्ते और पखवारे भर में कोरोना की जांच कराई जाएगी। यदि किन्हीं कारणों से मेले में कल्पवास के दौरान कोई कोरोना प्रभावित हो गया, तो उसके शिविर को सीज कर दिया जाएगा।
साथ ही उसे कोविड-19 की गाइड लाइन के तहत क्वारंटीन कर दिया जाएगा। इस मौके पर प्रभारी मेलाधिकारी विवेक चतुर्वेदी, रजनीश मिश्र, तीर्थपुरोहित सुभाष पांडेय,अजय पांडेय, राजेंद्र पालीवाल, संतोष भारद्वाज, राजेश तिवारी,अमरनाथ तिवारी, दिनकर पांडेय, मनोज कराही, गोकुल पाठक, नितिन भारद्वाज, राजेश पाठक, आशुतोष पालीवाल, प्रदीप पांडेय, लाल शोकहा, वीरेंद्र तिवारी, त्रिवेणी प्रसाद मिश्र, उदय नारायण पांडेय, सुरेंद्र पांडेय, अनुज तिवारी सहित अनेकों तीर्थ पुरोहितों की उपस्थिति थी।
लगान बढ़ाने से नाराज तीर्थपुरोहितों ने सौंपा ज्ञापन
सलाहकार समिति में प्रस्ताव लाए बिना लगान कई गुना बढ़ाए जाने पर बृहस्पतिवार को तीर्थपुरोहितों ने आक्रोश जताया। उस आदेश को निरस्त करने और आगामी माघ मेले में सबसे पहले तीर्थ पुरोहितों को भूमि आवंटित करने तथा तीर्थ पुरोहितों के भूमि रिकॉर्ड में की जा रही है हेराफेरी रोकने के लिए आवाज उठाई। इन मुद्दों को लेकर प्रयागराज मेला प्राधिकरण कार्यालय में पहुंचकर तीर्थपुरोहितों ने चार सूत्रीय ज्ञापन भी सौंपा।
ज्ञापन देने वालों में तीर्थपुरोहित महासभा के सुभाष पांडेय, वीरेंद्र तिवारी, नरेंद्र पांडेय, दिलीप तिवारी, अमित, आलोक पांडेय, दिलीप दुबे, कृष्ण कुमार पाठक, शैलेंद्र पांडेय शामिल थे।