महाविद्यालयों में बायोमीट्रिक माध्यम से उपस्थिति की व्यवस्था लागू करने का आदेश पहले ही दिया जा चुका है। उच्च शिक्षा निदेशक की ओर से लगातार पत्र भी जारी किए गए। इसके बावजूद कॉलेजों में इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। इस पर संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. केसी वर्मा की ओर से कॉलेजों को कठोर पत्र लिखा गया है।
प्रदेश के राजकीय और सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों, कर्मचारियों तथा छात्र-छात्राओं के लिए बायोमीट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। इसे सुनिश्चित करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। इसके लिए सीधे तौर पर प्राचार्यों को जिम्मेदार ठहराया गया है।
विज्ञापन
महाविद्यालयों में बायोमीट्रिक माध्यम से उपस्थिति की व्यवस्था लागू करने का आदेश पहले ही दिया जा चुका है। उच्च शिक्षा निदेशक की ओर से लगातार पत्र भी जारी किए गए। इसके बावजूद कॉलेजों में इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। इस पर संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. केसी वर्मा की ओर से कॉलेजों को कठोर पत्र लिखा गया है। साथ ही नाराजगी जताई गई है। पत्र में एक सप्ताह के भीतर सभी के लिए बायोमीट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने इसकी सूचना भी देने के लिए कहा है। पत्र में लिखा गया है कि ऐसा न होने पर प्राचार्य सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।