मृतका के पिता ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके मुताबिक, उनकी बेटी को नवरात्र में आरोपी के जेल से छूटने के बाद से ही लगातार धमकाया जा रहा था। मुकदमे में सुलह न करने पर हत्या की धमकी दी जा रही थी। जिस पर वह थाने में तीन बार शिकायत दर्ज करा चुकी थी। इसके बावजूद पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं की गई।
कौशाम्बी के महेवाघाट में दुष्कर्म पीड़िता की नृशंस हत्या के मामले में एडीजी जोन भानु भाष्कर ने जांच बिठा दी है। उन्होंने पुलिस पर लग रहे आरोपों के बाबत दो पृथक जांचों के निर्देश दिए हैं। इनमें से एक जांच आईजी रेंज चंद्रप्रकाश जबकि दूसरी जांच एएसपी फतेहपुर को सौंपी गई है। आईजी रेंज मामले में पर्यवेक्षण अधिकारियों की भूमिका जबकि एएसपी फतेहपुर थाना पुलिस की कार्यशैली को लेकर उठ रहे सवालों के बाबत जांच करेंगे।
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गौरतलब है कि मृतका के पिता ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके मुताबिक, उनकी बेटी को नवरात्र में आरोपी के जेल से छूटने के बाद से ही लगातार धमकाया जा रहा था। मुकदमे में सुलह न करने पर हत्या की धमकी दी जा रही थी। जिस पर वह थाने में तीन बार शिकायत दर्ज करा चुकी थी। इसके बावजूद पुलिस की ओर से कार्रवाई नहीं की गई।
नतीजा आरोपियों का दुस्साहस बढ़ता गया और उन्होंने बेटी को सरेआम कुल्हाड़ी से मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद एडीजी जोन देर रात खुद महेवाघाट थाना क्षेत्र स्थित घटनास्थल पर पहुंचे थे। मौका मुआयना के बाद उन्होंने मृतका के पिता से भी बात की थी। साथ ही उन्हें आश्वासन दिया था कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।
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इसके बाद उन्होंने एसपी समेत अन्य अफसरों संग बैठक कर आराेपियों की गिरफ्तारी के संबंध में विस्तृत दिशा निर्देश दिए थे। एडीजी जोन के निर्देश से जिला पुलिस के अफसरों में हड़कंप मच गया था। इसके बाद ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें बनाकर ताबड़तोड़ दबिश दी गई।
मामले में दो अलग अलग जांच आईजी रेंज व एएसपी फतेहपुर को सौंपी गई है। दोनों अफसरों को तीन दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा। - भानु भाष्कर, एडीजी जोन प्रयागराज