इन ब्रांचों में प्रवेश के लिए कर सकते हैं आवेदन
सिविल इंजीनियरिंग, सिविल (कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी), सिविल (पब्लिक हेल्थ), इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रानिक्स, इंस्टूमेंटेशन एंड कंट्रोल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल (ऑटो मोबाइल), मैकेनिकल (पावर प्लांट), मैकेनिकल (प्रोडक्शन), मैकेनिकल (रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग), मैकेनिकल (टूल इंजीनियरिंग), मैकेनिकल (ट्यूबेल इंजीनियरिंग), प्लास्टिक टेक्नोलॉजी में 75-75 सीटें हैं। इसके अलावा दो वर्षीय मैनेजमेंट डिप्लोमा के तहत कामर्शियल प्रैक्टिस, मार्केटिंग मैनेजमेंट और मैटीरियल में भी 75-75 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। साथ ही डेढ़ वर्षीय डिप्लोमा पीडीसीए (पोस्ट डिप्लोमा इन कम्प्यूटर एप्लिकेशन) में सिर्फ 18 सीटों के सापेक्ष प्रवेश दिए जाएंगे।
नए अधियाचन पर समायोजन के विरोध में प्रतियोगी
उत्तर प्रदेश माध्यमिक चयनित संघ ने माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड पर नए अधियाचन पर विज्ञापन संख्या 2021 के चयनित अभ्यर्थियों को समायोजित किए जाने का विरोध किया है। उनका आरोप है कि जब पूर्व में घोषित पदों के सापेक्ष चयन हुआ है तो अब सीटें कम कैसे हो गईं। इन नए अधियाचित पदों पर सिर्फ नए आवेदकों को ही मौका मिले।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक चयनित संघ के अध्यक्ष पवन सिंह का आरोप है कि चयन बोर्ड नियमों को ताक पर रख कर मनमाने तरीके से सीटों का हेर फेर किया जा रहा है जिससे प्रदेश के युवाओं में बेहद नाराजगी है।
युवाओं का कहना है चयन बोर्ड नए प्राप्त अधियाचन पर समायोजन कर रहा है, जो पूरी तरह से गलत है। जब आनलाइन रिक्त पदों का ब्यौरा जिला विद्यालय निरीक्षकों व प्रबंधकों द्वारा दिया गया था। विज्ञापित पदों के सापेक्ष ही शिक्षकों का चयन किया गया। फिर पदों की संख्या कैसे कम हो गई। नए अधियाचन में प्राप्त खाली पदों पर 2021 के चयनितों को आखिर क्यों समायोजित किया जा रहा है।