ईद की सेंवई खाने अपनी बुआ के घर जा रहे मासूम को तेज रफ्तार बाइक ने कुचल दिया। सिर में चोट लगने की वजह से मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। वह अपने आठ दोस्तों के साथ जा रहा था, तभी घटना हो गई। सभी बच्चे लाइन लगाकर सड़क पार कर रहे थे, लेकिन तेज रफ्तार बाइकसवार को सड़क पर कर रहे बच्चे नहीं दिखे। घटना के बाद बाइक सवार भाग निकला।
गौसनगर के डायमंड कालोनी के रहने वाले मो. आसिफ और अजमत तारा के तीन बच्चों में जैद (8) सबसे बड़ा था। छह जून की शाम वह हमउम्र बच्चों के साथ खाला के घर सेंवई खाने जा रहा था। साथ गए आठों बच्चों की उम्र दस साल से कम थी। हंसते खेलते बच्चे करेली थाने के पास पहुंचे तो सड़क पार करते समय खड़े हो गए। किसी ने राय दी तो सभी लाइन बनाकर सड़क पार करने लगे। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि बच्चों को देखकर अन्य गाड़ियां रुक गईं, लेकिन एक तेज रफ्तार बाइक जैद को टक्कर मारते हुए उसे करीब 25-30 फुट तक घसीट ले गई। यह देखकर अन्य बच्चे रोने लगे।
दो बच्चे घर भागे और आसिफ व अजमत को बुलाया। तब तक लोग इकट्ठे हो गए थे। वे जैद को उठाकर अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि यहां आने से पहले ही बच्चे की मौत हो गई। अजमत बेटे को सीने से लगाए जार-जार रोती रही। आसिफ के आंसू भी नहीं रुक रहे थे। कुछ देर पहले ही उन्होंने जैद को तैयार कर भेजा था। बच्चे का पोस्टमार्टम न हो, इस कारण घरवालों ने रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई। आसिफ और अजमत के दो बच्चे और हैं। आसिफ ने जैद से छोटे दोनों बच्चों को अपनी नि:संतान साली को दिया था। जैद की बदमाशियों से ही घर गुलजार रहता था। अब सब सूना हो गया।
करेली थाने के पास दिल दहला देने वाली इस वारदात की सीसीटीवी फुटेज होने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। सीसीटीवी में साफ दिख रहा है कि तेज रफ्तार से आया बाइक सवार बच्चे को घसीटता हुआ दूर तक ले गया, उसके बाद भाग निकला। एसओ विनोद कुमार ने कहा कि घरवालों ने तहरीर ही नहीं दी, इस कारण कार्रवाई नहीं की गई। कांग्रेसी नेता हसीब अहमद ने कहा कि जब आरोपी साफ दिख रहा है तो पुलिस ने कार्रवाई क्यों नहीं की। पुलिस अगर राजी हो तो वह खुद तहरीर देने को तैयार हैं। ईद के दिन एक परिवार से खुशियां छीनने वाले बाइक सवार के खिलाफ जरूर कार्रवाई होनी चाहिए।