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प्रयागराजः अपराधी क्षेत्र में तो पुलिस को कैसे नहीं लगी भनक? 

Sat, 08 Jun 2019 01:19 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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prayagraj - फोटो : प्रयागराज
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घूरपुर के इरादतगंज में पुलिस टीम पर हमले की घटना के बाद स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। दरअसल अफसर खुद बता रहे हैं कि अपराधी अशोक कोल काफी दिनों से रिटायर दरोगा के मकान में किराये पर रह रहा था। ऐसे में बड़ा सवाल है कि आखिर कैसे घूरपुर पुलिस को इसकी भनक नहीं लग सकी। 
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बारा पुलिस जिस अशोक कोल को पकड़ने गई थी वह शातिर अपराधी बताया जा रहा है। उस पर गैंगस्टर के तहत कार्रवाई कर जेल भी भेजा जा चुका है। पुलिस सूत्रों की मानें तो वह रिटायर दरोगा के मकान में करीब छह महीने से रह रहा था। यह मकान इरादतगंज फ्लाईओवर से कुछ ही दूरी पर है और पिछले कई महीनों से यहां आए दिन लूट व छिंनैती की वारदातें भी हो रही थीं।

बड़ा सवाल यह है कि अपराधी के किराये के मकान में रहने की भनक आखिर कैसे घूरपुर पुलिस को नहीं लगी। वह भी तब जब अफसर इस बात का दावा कर रहे हैं कि पिछले कई दिनों से अशोक की तलाश की जा रही थी। चर्चा इस बात की भी रही कि रिटायर दरोगा के इसी मकान से कुछ साल पहले भी बदमाश पकउ़े जा चुके हैं। इसके बाद भी स्थानीय पुलिस सोती रही। 
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इस घटना में बारा व घूरपुर पुलिस के बीच सामंजस्य की भी कमी दिखी। दरअसल प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि घटना के बाद घूरपुर पुलिस मौके पर पहुंची। जबकि सामान्यतया किसी अन्य थाना क्षेत्र में कार्रवाई से पहले स्थानीय पुलिस को इसकी जानकारी दी जाती है। इस बारे में घूरपुर एसओ बृजेश सिंंह का कहना है कि घटना के बाद वायरलेस पर मिले मैसेज पर उन्हें घटना की जानकारी हुई और फिर वह मौके पर पहुंचे। उधर एसपी यमुनापार ने बताया कि बदमाश का पीछा करने के दौरान बारा पुलिस को इतना समय ही नहीं मिल सका कि घूरपुर पुलिस को सूचना दी जा सके। हालांकि यह घूरपुर पुलिस के सूचनातंत्र पर भी सवाल है कि कैसे उसे पुलिस व बदमाशों के बीच भिड़ंत की खबर नहीं मिली। 
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