याची अधिवक्ता ने मृतका के पति व ससुर के कोर्ट से बरी होने का आदेश पेश करते हुए अग्रिम जमानत पर रिहा करने की मांग की। कोर्ट ने याची को अंतरिम राहत देते हुए सरकार से जवाब मांगा। क्षेत्राधिकारी के हलफनामे में कहा गया कि अभियुक्त आपराधिक प्रवृत्ति की महिला है। किंतु किसी अपराध को लेकर कोई दस्तावेज दाखिल नहीं किया। शेष में याची के कथनों को अस्वीकार किया गया है। कोर्ट ने कहा अपने अहम की तुष्टि के लिए बिना आधार के याची की भूमिका तय कर दी।
कोर्ट ने कहा देश 75वें स्वतंत्रता दिवस समारोह आजादी का अमृत महोत्सव के नाम से मना रहा है। जिसे सरकार ने अमृत काल माना है। सरकार देश के नागरिकों के कल्याण के लिए जुटी है और पुलिस प्रशासन, जो नागरिकों का सुरक्षा तंत्र है। गुलामी काल की मानसिकता में बने रहने को सुविधाजनक मान रही है। कोर्ट ने कहा हलफनामा लापरवाही से तैयार कराया गया है।
कोर्ट कई केसों में जवाबी हलफनामा तैयार करते समय सावधानी बरतने की शासकीय अधिवक्ता व अपर शासकीय अधिवक्ताओं को बार बार चेतावनी दी है। किंतु कोई परिणाम नहीं निकला। कोर्ट ने डीएसपी से पूछा है कि उनके कब्जे में क्या है जिस पर याची को आपराधिक प्रवृत्ति की महिला लिखा है। दस्तावेज व व्यक्तिगत हलफनामे के साथ हाजिर हों। सुनवाई 21 फरवरी को होगी।