निजी स्कूल-कालेजों, इंजीनियरिंग कालेज एवं कोचिंग संस्थानों पर नगर निगम नकेल कसने जा रहा है। नगर निगम सदन के बजट सत्र की बैठक में तय हुआ कि अभिभावकों से मोटी फीस वसूलने वाले निजी संस्थानों को कर के दायरे में लाया जाए। सदन में मौजूद पार्षदों की सहमति के बाद इसका संकल्प मेयर अभिलाषा गुप्ता ने मौके पर ही लिखवा दिया। इसे अब शासन को भेजा जाएगा। इसके पूर्व छिटपुट हंगामे के बीच नगर निगम के वित्तीय वर्ष 2016-17 का बजट देर शाम पास कर दिया गया। नगर निगम इलाहाबाद का अनुमानित व्यय का यह बजट पांच अरब रुपये से ज्यादा का है।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत नगर निगम सदन की कार्रवाई रविवार को 12 बजे के बाद शुरू हुई। सदन की शुरूआत में ही भाजपा पार्षद सत्येंद्र चोपड़ा ने विभागीय ऑडिट रिपोर्ट पेश न किए जाने का मुद्दा उठाया। उनकी इस मांग का पार्षद शिवसेवक सिंह, मीनू तिवारी, गणेश केसरवानी समेत तमाम पार्षदों ने समर्थन किया। इस बीच पार्षद राजू शुक्ला ने राज्य वित्त आयोग के तहत मिलने वाली धनराशि में शासन द्वारा की गई कटौती का मुद्दा उठाया। इस पर संकल्प हुआ कि शासन को लिखा जाए कि इस वित्त आयोग की धनराशि में कटौती न हो।
नहीं तो निगम प्रशासन को अपने कर्मचारियों को पेंशन, वेतन आदि देने में दिक्कत होगी। पार्षद अतहर रजा लाडले के प्रस्ताव पर सदन में आज निजी शैक्षणिक संस्थानों एवं कोचिंग संस्थानों को हाउस टैक्स के दायरे में लाने का संकल्प भी मेयर में लिखवा दिया। इसके अलावा कामर्शियल और आवासीय टैक्स के आंकड़े की अलग-अलग बुकलेट बनाने की भी बात कही गई। सदन की बैठक में विधायक परवेज अहमद टंकी ने पार्षदों का भत्ता 1500 रुपये से ज्यादा बढ़ाने का मामला शासन के समक्ष उठाने को कहा। उधर हाउस टैक्स मामले में तय हुआ कि एक बार फिर से शहर में घरों का सर्वे कराया जाए।
इसके लिए 50 लाख रुपये का बजट भी बनाया गया। सदन की बैठक में पार्षद शिवसेवक सिंह ने विज्ञापन एवं वाहन स्टैंड मामले में धांधली का मुद्दा भी हुआ। देर शाम मेयर अभिलाषा गुप्ता, नगर आयुक्त शेषमणि पांडेय आदि की मौजूदगी में पांच अरब दो करोड़ 11 लाख 57 हजार 126 रुपये के अनुमानित व्यय का बजट सदन से पास कर दिया गया। इस दौरान पार्षद गणेश केसरवानी, पुलकित यादव, आनंद सोनकर, राजेश कुशवाहा, रमा दीक्षित, गिरि बाबा, सुशील यादव, पुष्पा कुशवाहा, किरन जायसवाल, अकीलुर्रहमान आदि पार्षद मौजूद रहे।