इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रावासों में 40 वर्ष बाद हुई वॉश आउट की कार्रवाई के बाद अब आवंटन की प्रक्रिया जुलाई से शुरू होगी। इस बार छात्र-छात्राओं के कोर्स के हिसाब से उनको छात्रावास आवंटित किए जाएंगे। छात्रों को खाने एवं नाश्ते आदि के लिए मेस और कैंटीन खोली जाएगी। यह जानकारी इविवि के कुलपति प्रो. रतनलाल हांगलू ने सोमवार को बातचीत के दौरान दी।
कुलपति ने बताया कि सिर्फ छात्रों ने ही नहीं छात्राओं ने भी बड़े पैमाने पर हॉस्टलों में अवैध कब्जा कर रखा था। महिला छात्रावासों में 400 से अधिक छात्राएं चिह्नित हुईं, जिन्होंने अवैध कब्जा कर रखा था। एएन झा, कल्पना चावला एवं केपीयूसी को समर हॉस्टल बनाया गया है। इन छात्रावासों की मरम्मत का काम पूरा हो चुका है। एसएसएल, पीसीबी, डीजे में कोई काम नहीं है। जीएन झा और ताराचंद में रिपेयरिंग की जानी है। इसे तय समय सीमा में पूरा कर लिया जाएगा।
कुलपति की पत्रकार वार्ता में मौजूद डीएसडब्ल्यू प्रो.आरकेपी सिंह ने कहा कि छात्रावासों की मरम्मत एवं साफ-सफाई का काम 30 जून तक पूरा कर लिया जाएगा। एक से 10 जुलाई के बीच पुराने छात्रों को छात्रावास आवंटित होगा और 11 जुलाई से नए छात्रों को हॉस्टल आवंटित होंगे। बताया कि अबकी बार कोर्स वाइज छात्रावास आवंटित होंगे। रिसर्च एवं पीजी छात्रों को सिंगल सीटेड कमरे दिए जाएंगे, जबकि यूजी के छात्रों को डबल सीटेड कमरे मिलेंगे। बताया कि एसआरके, शताब्दी प्रोफेशनल पाठ्यक्रम के छात्र एवं महिला छात्रावास में कल्पना चावला, महादेवी छात्रावास प्रोफेशनल कोर्स वाली छात्राओं को आवंटित होंगे। प्रॉकटर प्रो. रामसेवक दुबे ने बताया कि विवि में अराजकता फैलाने वालों की जरूरत नहीं है। वह हर कीमत पर अनुशासन कायम रखेंगे।
कई वर्षों से छात्रावासों पर कब्जा जमाए छात्रों को बाहर करने के बाद अब कुलपति प्रो. रतनलाल हांगलू की नजर विवि में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पूरी करने पर है। कहा कि अपने कार्यकाल में उन्होंने दो बार शिक्षक भर्ती पूरी करने की कोशिश की परंतु कुछ तकनीकी कारणों से इसे पूरा नहीं किया जा सका। विवि को यूनिट माना जाए या एक-एक विभाग को, इस बात को लेकर आरक्षण नियमों में बदलाव किया जा रहा है। यूजीसी और मानव संसाधन विकास मंत्रालय से राय मांगी गई है। इसके मिलते ही विवि की ओर से भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू की ओर से छात्रावासों की मरम्मत को लेकर दिए गए बयान को छात्रों ने गुमराह करने वाला बताया है। छात्रों का कहना है कि कुलपति कह रहे हैं कि एसआरके, एसएसएल, डीजे, इंटरनेशनल तथा कुछ अन्य छात्रावास पहले से ही मेंटेन हैं, उसमें अधिक काम करने की जरूरत नहीं है। जब उन्हें पहले से पता था तो फिर न्यायालय को गुमराह करके क्यों इन छात्रावासों को खाली कराया गया। छात्र संघर्ष मोर्चा इस मामले को लेकर मंगलवार को न्यायालय में अपना पक्ष रखकर कुलपति की ओर से गुमराह करने की कोशिश पर उचित दंड की प्रार्थना करेंगे।
इविवि के छात्रों की एक बैठक सोमवार को यूनियन भवन पर हुई, इसमें 10 जून को होने वाले छात्र महासम्मेलन को सफल बनाने के लिए 12 छोटी-बड़ी कमेटी गठित करने का फैसला किया। इसमें हॉस्टल रिपेयरिंग के लिए रोहित मिश्र, अदील हमजा और विक्रांत सिंह की कमेटी लड़ाई लड़ेगी।