63 पद भरने के लिए लिखित परीक्षा 17 जनवरी को हुई थी।
एपीजे कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय (एकेटीयू) की ओर से घोषित यूपीएसईई के परिणाम में शहर से हजारों की संख्या में मेधावियों ने जगह बनाई है। परीक्षा में सफल छात्रों को अब प्रदेश के सरकारी एवं निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश मिलेगा। यूपीएसईई में सफल होने वालों में इस वर्ष बारहवीं की परीक्षा पास करने वाले बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हैं। शहर के हिमांशु बोहरा को यूपीएसईई में कुल 356 अंक मिले हैं। वहीं एकेटीयू की बीएफए (बैचलर ऑफ फाइन आर्ट) परीक्षा में इलाहाबाद के योगेश प्रताप सिंह को दूसरी रैंक मिली है।
इंजीनियरिंग एवं मेडिकल प्रतियोगियों के गढ़ इलाहाबाद में अबकी बार टॉप रैंक में किसी छात्र के शामिल नहीं होने पर निराशा हाथ लगी है, फिलहाल शहर में चयनित छात्रों की रैंक 6000 के अंदर मिलना ही संतोष की बात है। बीएफएडी में योगेश प्रताप सिंह ने चौथी रैंक पाई है। यूपीएसईई में 356 अंक पाने वाले हिमांश बोहरा ने बताया कि उनका चयन पहले ही जेईई मेंस में हो चुका है, अब उन्हें यूपीएसईई में अच्छी रैंक के साथ सफलता मिली है। देव प्रयाग इंस्टीट्यूट के निदेशक एससी रोहतगी का कहना है कि भले ही इलाहाबाद से टॉप रैंक नहीं आई है परंतु इलाहाबाद से अच्छी मेरिट के साथ सफल होने वाले छात्रों की संख्या कई हजार में है। बीबीएस इंजीनियरिंग के निदेशक डॉ. सीपी सिंह ने बताया कि इंजीनियरिंग, एमबीए और एमसीए में इलाहाबाद से बड़ी संख्या में छात्रों को हजार के अंदर रैंक मिली है।
यूपीएसईई के परिणाम में शहर के सीपी शर्मा क्लासेस के डॉ. सीपी शर्मा ने अपने संस्थान से 90 फीसदी छात्रों की सफलता का दावा किया है। उन्होंने बताया कि सफल छात्रों में हिमांशु बोहरा ने उनके संस्थान में पढ़ाई की है। हिमांशु का चयन जेईई मेंस में हो चुका है।
यूपीएसईई में केमिका प्वाइंट के सुजीत सिंह ने 830 छात्रों की सफलता का दावा किया है। उन्होंने बताया कि उनके संस्थान के छात्रों को छह हजार के अंदर रैंक मिली है। बताया कि सफल होने वालों में अनामिका, शिवांगी, अनुराग गौतम, सृजन श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में छात्र शामिल हैं।