मऊसरईया की रहने वाली कल्पना ने छावनी अस्पताल में 18 सितंबर को बेटी को जन्म दिया। कल्पना की दो बेटियां हैं। पति ड्राइवर हैं। महंगाई के इस दौर में घर का खर्च बड़ी मुश्किल से चलता है। ऐसे में जब उन्हें दूसरी बेटी हुई तो परिजनों को थोड़ी निराशा हुई। लेकिन जब अस्पताल द्वारा उन्हें एक बेटी की पढ़ाई का तोहफा मिला तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
छावनी अस्पताल में 10 नवंबर को कामता गौतम ने एक बच्ची को जन्म दिया। उनकी यह पहली बच्ची है। अशोक नगर में इनकी एक छोटी सी किराना की दुकान है। जिससे परिवार का गुजारा होता है। जब अस्पताल ने बेटी की पढ़ाई की जिम्मेदारी का संकल्प पत्र सौंपा तो परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। हमारा उद्देश्य है कि लोग बेटी को बोझ न समझें। बल्कि उन्हें एक अच्छी परवरिश दें। आज बेटियां भी परिवार, समाज व देश का नाम रोशन कर रही हैं। - डॉ. वैशाली सिंह, महिला रोग विशेषज्ञ, छावनी सामान्य अस्पताल।