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Prayagraj : छावनी अस्पताल में जन्मीं पांच बेटियों को नि:शुल्क शिक्षा प्रदान करेगा हास्पिटल

Mon, 05 Dec 2022 12:13 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

बेटियों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बेटी बचाओ, बेटी बढ़ाओ को कई संस्थाओं का समर्थन मिलने लगा है। इसी कड़ी में पीपीपी मोड पर चल रहे छावनी सामान्य अस्पताल ने अपनी...
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Prayagraj News : बेटी के साथ राहुल मिश्र। - फोटो : अमर उजाला।
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बेटियों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना बेटी बचाओ, बेटी बढ़ाओ को कई संस्थाओं का समर्थन मिलने लगा है। इसी कड़ी में पीपीपी मोड पर चल रहे छावनी सामान्य अस्पताल ने अपनी यहां जन्म लेने वाली छह बेटियों को 12 वीं तक की नि:शुल्क शिक्षा देने का निर्णय लिया है। अगस्त माह में इस स्कीम को अस्पताल में लागू किया गया था। जिसके बाद से अब तक कुल छह बच्चियों का यहां जन्म हुआ है। यह सभी बेटियां गरीब परिवारों से हैं। 

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छतनाग झूंसी के रहने वाले राहुल मिश्रा की बेटी का जन्म छावनी अस्पताल में 21 अगस्त को हुआ। वह अस्पताल के पहले लाभार्थी थे, जिन्हें इस योजना का लाभ मिला। छावनी अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी पद पर कार्यरत राहुल को बेटी पैदा होने की बेहद खुशी थी। लेकिन जब उन्हें अस्पताल की इस योजना का लाभ मिला तो उनकी खुशी दोगुनी हो गई।

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मऊसरईया की रहने वाली कल्पना ने छावनी अस्पताल में 18 सितंबर को बेटी को जन्म दिया। कल्पना की दो बेटियां हैं। पति ड्राइवर हैं। महंगाई के इस दौर में घर का खर्च बड़ी मुश्किल से चलता है। ऐसे में जब उन्हें दूसरी बेटी हुई तो परिजनों को थोड़ी निराशा हुई। लेकिन जब अस्पताल द्वारा उन्हें एक बेटी की पढ़ाई का तोहफा मिला तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। 


छावनी अस्पताल में 10 नवंबर को कामता गौतम ने एक बच्ची को जन्म दिया। उनकी यह पहली बच्ची है। अशोक नगर में इनकी एक छोटी सी किराना की दुकान है। जिससे परिवार का गुजारा होता है। जब अस्पताल ने बेटी की पढ़ाई की जिम्मेदारी का संकल्प पत्र सौंपा तो परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।   


बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है। हमारा उद्देश्य है कि लोग बेटी को बोझ न समझें। बल्कि उन्हें एक अच्छी परवरिश दें। आज बेटियां भी परिवार, समाज व देश का नाम रोशन कर रही हैं। - डॉ. वैशाली सिंह, महिला रोग विशेषज्ञ, छावनी सामान्य अस्पताल।
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