नगर निगम की ओर से गृहकर में दी जाने वाली 10 प्रतिशत की छूट मंगलवार को समाप्त हो गई। अब पहली सितंबर यानी बुधवार से छह प्रतिशत की छूट गृहकर में दी जाएगी। छूट का आखिरी दिन होने की वजह से इस दिन भवन स्वामियों में गृह कर जमा करने की होड़ मची रही। देर शाम तक एक करोड़ रुपये से अधिक गृह कर के रूप में जमा कराए गए।
गृह कर में दी जाने वाली पारंपरिक छूट मंगलवार को समाप्त हो गई। महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने इसकी पुष्टि की। छूट की समाप्ति होने से पहले भवन स्वामियों ने दिन भर गृह कर जमा कराए। नगर निगम प्रशासन के मुताबिक अब सितंबर माह से छह प्रतिशत की छूट गृह कर में दी जाएगी। उधर, भाजपा पार्षद किरन जायसवाल ने नगर निगम के इस फैसले को कोविड काल में अनुचित करार दिया। उनका कहना है कि कोरोना काल में लोगों की आर्थिक स्थिति चरमरा गई है।
बच्चों की फीस के लिए भी लोगों को भटकना पड़ रहा है। ऐसे में गृहकर में छूट वापस नहीं लेनी चाहिए थी। इसी तरह सर्व दलीय पार्षद पूर्व पार्षद संघर्ष समिति के संयोजक शिव सेवक सिंह ने भी नगर निगम के इस कदम की आलोचना की। उनका कहना है कि इस बार अप्रैल की बजाए मई के अंत में छूट की व्यवस्था लागू की गई थी। इस वजह से अभी समय सीमा समाप्त नहीं हुई है। दूसरे कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए छूट को आगे बढ़ाया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा न करके नगर निगम प्रशासन ने संवेदनहीनता का परिचय दिया है।