तीन साल से अनाथ पड़ा है हॉस्टल
हालैंड हॉल हॉस्टल में पिछले तीन साल से कोई अधीक्षक और वार्डन नहीं है। हॉस्टल का संचालन करने वाले ट्रस्ट ने भी हॉस्टल को उसकी बदहाली पर छोड़ दिया है। छात्रों का कहना है कि वर्ष 2019 में ट्रस्ट की ओर से फीस जमा करने के लिए अशोक मसीह की नियुक्ति की गई थी। उन्हाेंने कुछ छात्रों की फीस जमा की थी, लेकिन उसकी कोई रसीद नहीं दी। बाद में उनका तबादला बरेली हो गया। तीन साल से छात्र साफ-सफाई, पानी आदि की व्यवस्था के लिए चंदा जुटाकर काम चला रहे हैं।
प्रवेश तो ले लिया, पर जिम्मेदारी नहीं
हॉस्टल के हालात 2018 के बाद से ही बिगड़ने लगे थे। इविवि ने अपने यहां के छात्रों की लिस्ट ट्रस्ट को सौंप दी और ट्रस्ट ने हॉस्टल में छात्रों का प्रवेश भी ले लिया, लेकिन छात्रों और हॉस्टल की जिम्मेदारी किसी से नहीं ली। इविवि प्रशासन ने भी यह कहकर हॉस्टल की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया कि हॉस्टल का संचालन ट्र्र्र्रस्ट करता है और दूसरी ओर ट्रस्ट ने भी प्रबंधन से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं से हाथ पीछे खींच लिए।
पुरा छात्र एसोसिएशन ने भी अव्यवस्था पर उठाए सवाल
हालैंड हॉल पुरा छात्र एसोसिएशन ने भी हॉस्टल की अव्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। एसोसिएशन के के सचिव सुधीर सिंह बताते हैं कि अराजकता के कारण कुछ छात्रों ने हॉस्टल छोड़ दिया है। उन्होंने जब छात्रों से पूछा कि ऐसा क्यों किया तो पता चला कि आए दिन उनके कमरों में कोई न कोई अराजक तत्व चला आता था और कहता था कि पुलिस पीछा कर रही है, इसलिए कमरे में छिपा लो। इन छात्रों ने भयवश हॉस्टल छोड़ दिया, ताकि भविष्य में कोई दिक्कत न हो। 15 नवंबर 2021 को हालैंड हॉल पुरा छात्र सम्मेलन में कुलपति से आग्रह किया गया था कि हॉस्टल को गोद लेकर बदहाली से बाहर निकालें, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ। इस मसले पर एसोसिएशन ने अब केंद्रीय मंत्री से मिलने का समय मांगा है।
पांच साल पहले पूरी तरह से खाली कराए गए थे हॉस्टल
इलाहाबाद विश्वविद्यालय और ट्रस्ट के हॉस्टलों पांच साल पहले वर्ष 2017 में पूरी तरह से खाली कराया गया था। इसके बाद हॉस्टल वॉशआउट की कोई कार्रवाई नहीं की गई। इन पांच वर्षों में ज्यादातर पढ़कर विश्वविद्यालय से बाहर निकल गए और धीमे-धीमे कुछ हॉस्टलों के कमरों पर अवैध कब्जा बढ़ता गया।
‘किसी घटना में अगर इलाहाबाद विश्वविद्यालय का कोई छात्र शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ विश्वविद्यालय प्रशासन उचित कार्रवाई करेगा। जहां तक हॉलैंड हाल हॉस्टल की बात है तो इस बारे में अभी कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती।’ डॉ. जया कपूर, पीआरओ, इविवि