फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

High Court : हाथ में कलावा बांधकर हिंदू लड़की को प्रेमजाल में फंसाया, कोर्ट ने खारिज की जमानत अर्जी

Mon, 15 Jul 2024 06:25 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

बरेली निवासी इम्तियाज अंसारी पर थाना हाफिजगंज में विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन करने, धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है। आरोप है कि उसने दिल्ली में एक फैक्ट्री में काम करता था। इस दौरान उसने हाथ में कलावा बांधकर स्वयं को हिंदू बताते हुए एक हिंदू युवती को प्रेमजाल में फंसाया।
विज्ञापन
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाथ में कलावा बांधकर कर एक हिंदू लड़की को प्रेमजाल में फंसाकर उसका धर्म परिवर्तन करने का प्रयास करने वाले आरोपी इम्तियाज की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। आरोपी पर स्वयं को हिंदू होने का झूठा दिखावा करके एक हिंदू लड़की को बहकाने तथा बाद में उसे इस्लाम में धर्मांतरित करने का प्रयास करने का आरोप है। न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की पीठ ने इम्तियाज अंसारी को जमानत देने से इन्कार कर दिया।

विज्ञापन


बरेली निवासी इम्तियाज अंसारी पर थाना हाफिजगंज में विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन करने, धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है। आरोप है कि उसने दिल्ली में एक फैक्ट्री में काम करता था। इस दौरान उसने हाथ में कलावा बांधकर स्वयं को हिंदू बताते हुए एक हिंदू युवती को प्रेमजाल में फंसाया। इसके बाद युवती को बरेली लाया और गैर कानूनी तरीके से युवती का धर्म बदलने का प्रयास किया।

गांव की प्रधान नरगिस खातून और उसके पति तस्लीम पर युवती का मुस्लिम नाम से झूठा निवास प्रमाण पत्र तैयार करने का आरोप है। जिसमें युवती का धर्म इस्लाम दिखाया गया है। आरोपी ने जमानत के लिए हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी। आवेदक के वकील ने दलील दी कि मामले में उसे झूठा फंसाया गया है। पीड़िता ने कुछ पैसे लिए थे और जब उन्हें वापस नहीं किया गया तो झूठा मामला दर्ज किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं, अतिरिक्त महाधिवक्ता ने दलील दी कि युवती ने बयान में कहा कि उसने दिल्ली के सरकारी स्कूल से दसवीं की परीक्षा पास की थी और नई दिल्ली में एक फैक्ट्री में काम कर रही थी। यहीं पर उसकी मुलाकात आरोपी युवक से हुई। युवक अपनी कलाई पर पवित्र लाल धागा बांधा हुआ था। उसने ने मुसलमान होने की बात छुपाई थी। आरोपी ने युवती को जब अपने घर ले गया तो उसे पता चला कि वह मुसलमान है और उसके निवास के संबंध में फर्जी दस्तावेज बनाए गए थे। अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कहा कि झूठे दस्तावेज तैयार करने के बाद लड़की को झूठे बहाने से मुस्लिम धर्म में परिवर्तित किया जा रहा था।

कोर्ट ने कहा कि लड़की के बयान से यह स्पष्ट है कि आवेदक ने उसे यह विश्वास दिलाया था कि वह धर्म से हिंदू है। जब युवती आवेदक के गांव पहुंचती तो उसे पता चला कि आवेदक धर्म से मुस्लिम है। अन्य तथ्यों का संज्ञान लेते हुए आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें